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स्टीविया चबाओ, मधुमेह भगाओ, stevia chabao, madhumeh bhagao,

स्टीविया चबाओ, मधुमेह भगाओ,
स्टीविया चबाओ, मधुमेह भगाओ,

स्टीवविया चबाने से मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी का ईलाज संभव है। भारत में हर पांचवा आदमी डायबिटीज से ग्रस्त है। कई राज्यों में यह महामारी बन गई है। इसके बचाव के लिए कई घरेलू नुस्खे और मेडिकल इलाज हैं,

लेकिन एक आयुर्वेदिक पौधा है जिसका सेवन करने से इस बीमारी से राहत मिलती है। यह आयुर्वेदिक पौधा है स्टीविया। हालांकि यह शहद और गन्ने से बहुत मीठा होता है लेकिन यह पौधा मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। स्टीविया को आयुर्वेदिक चीनी भी कहा जाता है। स्टीविया पैंक्रियाज से इंसुलिन को छोडने में बहुत सहायक होता है।

क्या है स्टीविया

स्टीविया एक ऐसा पौधा है जो चीनी से भी मीठा होता है। दुनियाभर के देशों में इसका उपयोग किया जाता है। यह पौधा दक्षिण अमरीका में पाया जाता है। इसके पत्तों का इस्तेमाल लोग सालों से कर रहे हैं। इसका मुख्य तत्व स्टेवियोसाइड है जो कि वस्तुत: कैलोरी रहित होता है। इसे खाने से खून में शुगर की मात्रा नहीं बढती है।

मधुमेह रोगी स्टीविया का सेवन कैसे करें

डायबिटीज के मरीजों के लिए मीठा खाना मना होता है, लेकिन स्टीविया जो कि चीनी से कई गुना मीठा होता है, उसे मधुमेह रोगी खा सकते हैं यह नुकसान नहीं करेगा।
अगर मधुमेह के मरीज कोई अन्य मिठाई खा रहे हैं तो उसके प्रभाव को कम करने के लिए मीठा खाने के तुरंत बाद आयुर्वेदिक पौधे स्टीविया की कुछ पत्तियां चबा लें।
स्टीविया पौधे की मिठास गन्ने और शहद से तीन सौ गुणा अधिक होती है, इसके बावजूद यह फैट व शुगर से मुक्त है।

स्टीविया इतना अधिक मीठा होने के बावजूद भी शुगर को कम तो करता ही है साथ ही शुगर को बढ़ने से रोकने में भी सहायक है।

खाना खाने से बीस मिनट पहले या खाना खाने के बीस मिनट बाद स्टीविया की पत्तियों का सेवन करना चाहिए, यह बहुत फायदेमंद होता है।

दुनियां भर में पिछले कई सालों से स्टीविया का स्वीटनर और मेडिसिन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। विश्व के कई देशों की सरकारें इस पौधे को मान्यता दे चु‍की हैं।
स्टीविया शुगर का अद्भुत अल्टरनेटिव होने के अलावा शुगर के मरीजों के लिए एकमात्र नेचुरल स्वीटनर है। इसमें शुगर की तरह फैट और कैलोरी नहीं होती है।
स्टीविया पैंक्रियाज से इंसुलिन को छोडने में अहम भूमिका निभाता है। यह शुगर के मरीजों के लिए वरदान है।

स्टीविया न केवल शुगर बल्कि ब्लड प्रेशर, हाईपरटेशन, दांतों के लिए, वजन कम करने, गैस और कब्ज, पेट की जलन, दिल की बीमारी, चमडे़ के रोग और चेहरे की झुर्रियों के लिए बहुत फायदेमंद है।

तो जो दोस्त इस रोग से पीडित है वो बस चुटकी भर स्टीविया डालें चाय/दूध/खीर में और आनन्द उठाये भरपूर आर्गेनिक हर्बल मिठास का।

ना कोई साइड इफ़ेक्ट और ना ही कोई मिलावट।
घर मगवाईये, खुद भी खाइये और बच्चों को भी खिलाइये- और जिन्हें डायबटीज है उनके लिए तो इससे अच्छी और सस्ती कोई दवाई हो ही नही सकती।
जितनी भी शुगर फ्री क्रिस्टल बनाने वाली कम्पनियां हैं ये लूटती हैं आपको और साथ ही आपके सेहत के साथ खिलवाड़ भी करती हैं।

आप खुद इंटरनेट पर जाकर पढ़ सकते हैं कि- शुगर फ्री की सभी दवाइयों में स्टीविया ही होती है फिर भी ये दवाईयां बिना केमिकल प्रॉसेस के नहीं बनाई जाती।
अतः स्टीविया की पत्तियाँ ही सबसे ज्यादा सुरक्षित है इसे घर मे ही पाउडर बनाइये और प्रयोग कीजिये साथ ही इन विदेशी कम्पनियों को मुनाफा देना अब बन्द कीजिये।

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