Latest Nuskhe

loading...

सुबह उठते ही आती हैं लगातार छींके तो क्या करें? Sinocytosis problem



साइनोसाइटिस की समस्या
बढ़ते प्रदूषण और लगातार जुकाम रहने के कारण होती है। हमारी खोपड़ी में अनेक प्रकार के खोकले छेद होते हैं जो ये छेद सांस लेने में मदद करते हैं। जिसे साइनस कहते हैं। जब हम सांस लेते हैं तो इसके साथ धूल-मिट्टी के कण अंदर चले जाते हैं तो यह छेद हवा को साफ करके फेफड़ो तक पहुंचाते हैं। जब यह काम करना बंद कर देते है तो साइनोसाइटिस की समस्या हो जाती है। इस समस्या के होने पर रोगी को सुबह उठते ही छींके आना, जुकाम-खांसी, बदन दर्द, आंखों से आंसू आना, दांतों में दर्द जैसी समस्या होने लगती है। आज हम आपको साइनोसाइटिस होने के कारण और इस से बचने के उपाय बताएंगे, जिसे इस्तेमाल करके आप इस समस्या से बच सकते हैं।

साइनोसाइटिस होने के कारण

1. टेंशन होने के कारण
अगर आप हर वक्त तनाव में रहते हैं तो आप कई बीमारियों को बुलावा दे रहे हैं। तनाव के कारण साइनोसाइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके कारण सिर दर्द भी होने लगता हैं।

छिक क्यों आती है

2. ज्यादा देर ठंड में रहना
जिन लोगों को ज्यादा देर ठंड में रहना पड़ता है। उन्हें इस बीमारी के चांस बहुत अधिक होते हैं। तेज हवा और ठंडे मौसम में रहने से कफ दोष बिगड़ जाता है और बलगम बनने लगती है।
3. वायु प्रदूषण
बढ़ते प्रदूषण के कारण इस बीमारी का खतरा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए ऐसे प्रदूषण में सांस लेने से कीटाणु अंदर चले जाते हैं जो एलर्जी का कारण बनते हैं। जिसके कारण नाक में सूजन हो जाती है और जलन होने लगती है।

साइनोसाइटिस से ऐसे करें बचाव

छींक का आयुर्वेदिक इलाज

हल्दी और अदरक की चाय

इस समस्या से बचने के लिए हल्दी और अदरक वाली चाय बना कर पीएं। हल्दी में ऐसे औषधीय गुण पाएं जाते है जो जलन को कम करते हैं। जिससे एलर्जी से बचा जा सकता है। अदरक में भी ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं जो बंद नाक को खोलने में मदद करते हैं।
इस चाय को बनाने के लिए एक कप उबलते पानी में एक इंच हल्दी और एक इंच अदरक को पीसकर डालें और इसे धीमी आंच पर ढक्कर 10 मिनट के लिए उबालें। फिर इसे छान कर चाय का सेवन करें।

छींक का देसी इलाज

2. स्टीम लें
म्यूकस की मात्रा ज्यादा होने पर भाप जरूर लें। भाप लेने से म्यूकस पिघलता है और नाक अच्छी तरह से साफ होता है। भाप के लिए एक लीटर पानी को उबाल लें और फिर इसमें थोड़ा-सा कपूर मिलाएं। अब इसकी भाप को 10 से 15 मिनट तक लें। इस प्रक्रिया के आराम आने तक रोजाना करते रहे।
.
3. अधिक पानी पीएं
इस समस्या से बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी पीएं। इससे म्यूकस पतला होता है और नाक में ब्लॉकेज खत्म होती है। जिससे साइनोसाइटिस का खतरा कम होता है।
.
4. नाक की सफाई रखें
इस बीमारी से बचने के लिए नाक की रोजाना सफाई करें। इसकी सफाई करने के लिए रात को सोने से पहलें या फिर सुबह-सुबह नाक में थोड़ा-थोड़ा पानी डाल कर साफ करें। इसे जोर से मसल कर साफ न करें।
.
5. वातावरण साफ रखें

छींक आने का कारण

इस बीमारी का मुख्य कारण वायु में धूल, मिट्टी के महीन कण, पशुओं के बाल आदि का होना है। अगर आपने ने घर पर पालतू जानवर रखा है तो इन्हें घर से बाहर रखें और इनकी सफाई पर भी विशेष ध्यान दें। घर में एयर प्यूरिफायर लगवाएं, जिससे आपके घर के अंदर वातावरण साफ बना रह सके।

2 टिप्पणियाँ

बहुत ही अच्छी और उपयोगी पोस्ट साझा की है आपने। मैं साइनोसाइटिस से पीडि़त हूं। आपकी पोस्ट से बहुत मदत मिलेगी। लेकिन ब्लॉग के संबंध में मेरी आपको सलाह है, कि आपने जो अपनी साइट पर विज्ञापन लगाये हैं, उनकी जगह आप गूगल एडसेंस के विज्ञापन लगायें। ये साइट को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं।

सलाह के लिये दन्यवाद गुगल एडसेंस के लिए अप्लाई कर दिया

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !!
आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।
EmoticonEmoticon