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धातुपौष्टिक चूर्ण Dhatupaushtik Churna Detail and Uses in Hindi मर्दाना ताकत के लिए।


धातुपौष्टिक चूर्ण, एक हर्बल आयुर्वेदिक दवाई है जिसका सेवन शरीर में कमजोरी को दूर करता है और बल तथा धातु की वृद्धि करता है। यह पुरुषों के लिए उत्तम टॉनिक है। धातुपौष्टिक चूर्ण नसों और प्रजनन अंगों को ताकत देता है तथा स्वप्न दोष, असमय वीर्यपात, नपुंसकता erectile dysfunction, वीर्य और शुक्र विकारों को दूर करता है। धातुपौष्टिक चूर्ण में सभी घटक हर्बल हैं। इसमें कौंच बीज, सफ़ेद मूसली, काली मूसली, गोखरू, सालम मिश्री, विदारीकन्द, अश्वगंधा जैसी जानी-मानी औषधिया वनस्पतियाँ हैं। इसके अतिरिक्त इसमें निशोथ है जो की विरेचक है और कब्ज़, गैस, पेट की दिक्कतों को दूर करता है। इसमें मिश्री भी है जो की वज़न बढ़ाने और शरीर में पित्त को कम करती है।

इसके सेवन में यह बात ध्यान रखने योग्य है की यह दवाई पचने में भारी है। इसलिये पाचन की कमजोरी और पेचिश आदि में इसे नहीं खाना चाहिए। इस दवा में विरेचन के गुण भी हैं। यदि दवा के सेवनकाल में कोई समस्या आये तो इसकी लेने की मात्रा को कम कर के देखा जाना चाहिए।

Dhatupaushtik Churna is an herbal medicine for male reproductive system. Its intake cures sexual and sperm disorders. It has aphrodisiac, nutritive, tonic and weight increasing properties. While taking this medicine one should also drink cow\’s milk.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.

धातुपौष्टिक चूर्ण के घटक Ingredients of Dhatupaushtik Churna

Each 12 gram: शतावरी, गोखरू बीज, बीजबन्द, बंशलोचन, काबाब-चीनी, चोपचीनी, कौंच बीज, सफ़ेद मूसली, काली मूसली, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, सालम मिश्री 50ग्राम, विदारीकन्द, अश्वगंधा, निशोथ 72 ग्राम,

धातुपौष्टिक चूर्ण के लाभ/फ़ायदे Benefits of Dhatupaushtik Churna

यह दवा धातु और बलवर्धक है।
इसके सेवन से शरीर में ताकत आती और कमजोरी दूर होती है।
यह वीर्य और शुक्र विकारो को दूर करती है।
यह नसों को ताकत देती है और नपुंसकता को दूर करती है।
यह कब्ज़ को दूर करती है।
इसमें कामोद्दीपक गुण हैं।
धातुपौष्टिक चूर्ण के चिकित्सीय उपयोग Uses of Dhatupaushtik Churna

दुर्बलता debility
अज्ञात में शुक्रपात spermatorrhoea
अल्पशुक्राणुता Oligospermia
नपुंसकता Impotency
शीघ्रपतन Premature ejaculation
स्वप्न दोष Nightfall
इरेक्टाइल डिसफंक्शन Erectile dysfunction
सेवन विधि और मात्रा Dosage of Dhatupaushtik Churna

३-६ ग्राम दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।

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बना बनाया चूर्ण मंगवाने के लिए मैसेज करें।

बलगम (कफ)के आयुर्वेदिक घरेलू उपचार



बलगम (जिसे कफ के रूप में भी जाना जाता है), ज़ुकाम और अन्य ऊपरी श्वसन संक्रमण का एक आम उत्पाद है। बलगम से निपटना बहुत मुश्किल हो सकता है और ऐसा लग सकता है कि यह कभी खतम नहीं होगी। अगर आप अपने गले और नाक में बन रहे बलगम से राहत पाना चाहते हैं, तो उपचार के इन तरीकों में से कुछ की कोशिश करें।
अदरक और शहद
अदरक में ऐसे बहुत से तत्व होते हैं जो बहुत सारी बीमारियों का सामना कर सकते हैं। इसके सेवन से सर्दी खांसी में फायदा होता है और श्वसन प्रक्रिया ठीक हो जाती है। 100 ग्राम ग्राम अदरक को कूट लें। दो-तीन चम्मच शहद को उसमें मिला लें। इस पेस्ट को दो-दो चम्मच दिन में दो बार लें। समस्या दूर हो जाएगी।
गरारे
एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिलाएं। अपनी गर्दन थोड़ी सी पीछे की तरफ गिराएं और फिर इस नमक के पानी से गरारे करें। इस पानी को निगलें न। कुछ देर तक गले में रखकर गरारे करने के बाद आप निश्चित रूप से अच्छा महसूस करेंगे।
लेमन टी
नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड और शहद के एंटीसेप्टिक तत्व बलगम कम करने और गले का दर्द दूर करने में मदद करते हैं। ब्लैक टी बनाइये, और उसमें एक चम्मच ताजे नींबू का रस और एक चम्मच शहद का मिला दीजिए।
सफेद-मिर्च
आधी चम्मच सफेद कालीमिर्च को पीस लें। इसमें 1 चम्मच शहद मिला लें। इस मिक्सचर को 10-15 सेकेंड माइक्रोवेव करें। फिर पी लें। इसे पीते ही आपको फौरन आराम मिलेगा। बलगम से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए इस मिक्चर को एक हफ्ते तक दिन में तीन बार जरूर लें।
हाइड्रेटेड रहें:
सभी बीमारियों की तरह, जल्दी ठीक होने के लिए हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है। दिन भर में हर घंटे पानी पीकर अपने शरीर को बलगम बाहर निकालने में मदद करें। आप अपनी फ्लूइड (fluid) इन्टेक (intake) को सप्लीमेन्ट (supplement) करने के लिए जूस और चाय भी ले सकते हैं।
लहसुन और नींबू
लहसुन में सूजन दूर करने वाले तत्व मौजूद होते हैं और नींबू में सिट्रिक एसिड। जब दोनों का इस्तेमाल किया जाता है तो ये बलगम दूर करने में हमारी मदद करते हैं। एक कम पानी उबालें। उसमें तीन नींबू निचोड़ें। थोड़ा सा कुटा हुआ अदरक मिलाएं। साथ में आधी चम्मच काली मिर्च का पाउडर और एक चुटकी नमक। इन सब को अच्छे से मिला लें और पी लें। इससे आपको बलगम की समस्या से फौरन निजात मिल जाएगी।
बलगम को  भाप से बाहर निकालें:
भाप आपके सीने, नाक और गले में बलगम को तोड़ने में मदद करती है जिससे आप आसानी से इसे अपने शरीर से बाहर निकाल पाते हैं। एक बर्तन में पानी उबालें और इसमें युकलिप्टुस (eucalyptus) के तेल की कुछ बूंदें मिलाएँ। अपने चेहरे को बर्तन के ऊपर रखें और कई मिनटों तक भाप लें। इसके अतिरिक्त आप बलगम को तोड़ने के लिए गर्म स्नान (shower) कर सकते हैं
हल्दी
बलगम के उपचार के लिए हल्दी सबसे अधिक प्रभाव डालने वाली चीज है। ये एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करती है और इसमें कर्क्यूमिन होता है जो शरीर की बहुत सारी आंतरिक और बाहरी समस्याओं में फायदा पहुंचाता है। एक ग्लास गर्म दूध में हल्की और आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर मिलाएं। अब इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। बलगम को दूर करने के लिए इसे रोज पियें।
प्याज और नींबू
एक प्याज छील कर उसे पीस लें। एअब एक नींबू का रस निकाल लें। इसे एक कप पानी में इन दोनों को मिलाकर दो तीन मिनट के लिए उबाल लें। आंच से उतार लें और एक चम्मच शहद मिला लें। इस मिक्सचर को एक दिन में तीन बार पियें, बलगम की समस्या दूर हो जाएगी।
अंगूर का जूस
अंगूर की प्रकृति एक्सपेक्टोरेंट होता हैं और इसलिए ये आपके फेफड़ों के लिए और बलगम दूर करने में फायदा पहुंचाता है। दो चम्मच अंगूर के जूस में दो चम्मच शहद मिला लें। इस मिक्चर को एक हफ्ते तक दिन में तीन बार लें।
प्राकृतिक जड़ी बूटियाँ खाएँ:
मुलैठी (licorice), मेथी और चिकवीड (chickweed) जैसी जड़ी बूटियाँ खाना आपके गले से बलगम साफ करने में मदद करेगा। इन्हें अपने खाने में जोड़ें या अगर आप स्वाद को बर्दाशत कर सकते हैं, तो इन्हें कच्चा खाएँ या पानी में उबालकर इनकी चाय बनाएँ
चिकन सूप
गर्मागर्म चिकन सूप बलगम की समस्या को दूर करता है और आपकी श्वास की नली को मॉइश्चुराइज करता है। ये बलगम को पतला कर सकता है। इसलिए अपना गला साफ करने के लिे दिन में दो से तीन बार गर्म चिकन का सूप पियें। आप इसमें अलग से अदरक और लहसुन भी मिला सकते हैं, अधिक और जल्दी फायदा होगा।
गाजर
गाजर में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की वजह से ये आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। इसके अलावा इसमें ऐसे बहुत से विटामिन और पोषक तत्व होते हैं जो खांसी और बलगम की समस्या को दूर करते हैं। 3-4 ताजी गाजर का जूस निकालें। उसमें थोड़ा पानी और दो-तीन चम्मच शहद  मिलाएं। अच्छी तरह इस मिश्रण को मिलाएं। इस मिश्रण को एक दिन में दो से तीन बार पियें, आपकी बलगम की समस्या ठीक हो जाएगी।
डेयरी उत्पाद न खाएँ:
सारे डेयरी प्रोडक्टस में एक विशेष प्रोटीन, कैसिइन (casein), होता है जो ठंडा करता है और आपके शरीर में और बलगम बनाता है। अनावश्यक रूप से अधिक बलगम का निर्माण रोकने के लिए, दूध, चीज़, दही या आइसक्रीम जैसे डेयरी प्रोडक्टस न खाएँ।

हृदय रोग, लकवा, सफेद दाग, दमा, लीवर रोग, हकलाहट, नपुंसकता सभी का ईलाज है यह पत्ता


हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने वाले हैं जो आपकी बहुत सी बीमारियों में आप को राहत प्रदान करने का काम करता है। इस पौधे का नाम पत्थरचट्टा है और यह ज्यादातर घरों में आसानी से मिल जाएगा। इसकी पत्तियां खाने में नमकीन और खट्टी मीठी लगती हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से यह पौधा काफी फायदेमंद माना जाता है तो चलिए जान लेते हैं इसके फायदे विस्तार से।



पित्त की पथरी हो जाने पर इस पौधे के 2 पत्ते नियमित सुबह खाली पेट चबाएं तो कुछ ही दिनों में पित्त की पथरी गलकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाएगी। इस पौधे को आयुर्वेद मे भस्म पथरी नाम से जाना जाता है।


पत्थरचट्टा के पौधे के साथ सौंफ का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से नपुंसकता जैसी बीमारी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।

सफेद दाग समस्या हो जाने पर इस पौधे के पत्तों का रस लगाने से बहुत जल्दी सफेद दाग की समस्या से छुटकारा मिलता है और चेहरा सुंदर बनता है।


हकलाहट की समस्या में इसके पत्तों का नियमित सेवन करने से कुछ ही दिनों में हकलाहट की समस्या बहुत जल्दी दूर भाग जाएगी और आपकी आवाज कुछ ही दिनों में साफ हो जाएगी।


हृदय रोगियों के लिए इस पौधे के पत्तों का प्रयोग बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि इसके अंदर भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 और फैटी एसिड पाए जाते हैं जो दिल के रोगों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होते हैं। इस पौधे के पत्ते का नियमित सेवन करने से हृदय रोग होने की संभावना 50% तक कम हो जाती है।
लकवे की समस्या में इसके पत्तों का रस निकालकर उनमें जैतून का तेल मिलाकर इस को गर्म कर कर लकवे वाले स्थान पर लगाने से कुछ ही दिनों में लकवे की समस्या से राहत मिलती है।
अगर आपको कोई पेशाब संबंधी रोग है तो इसके 10 पत्तों को लेकर एक गिलास पानी में उबालकर पीने से पेशाब संबंधित कैसा भी रोग हो कुछ ही दिनों में बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा।

डाइबिटीज़ डिप्रेशन कैन्सर ह्रदय हाई बीपी पौरुष रोग में लहसुन खाने का सही तरीका !!



रात को सोते समय इस तरीके से लहसुन  ( Garlic ) खाएं 3 दिन में ही असर दिखने लगेगा
आज के इस खबर में हम आपको बाबा रामदेव जी द्वारा बताए गए लहसुन  ( Garlic ) के कुछ श्रेष्ठ फायदे के बारे में बताने वाले। लहसुन खाने के इतने फायदे हैं जो आप सोच भी नहीं सकते पर अगर इसका सही तरीके से सेवन किया जाए तब। बिना सही तरीका जाने अगर आप इसका सेवन करते हैं तो इससे आपको इसका पूर्ण लाभ नहीं मिलेगा। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

लहसुन  ( Garlic ) केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसे खाने के अनेक सारे हेल्दी फायदे भी हैं। आप सोच भी नहीं सकते कि लहसुन की एक कली कितने रोगों को पूरी तरह खत्म कर सकती है।  यह कई बीमारियों की रोकथाम और उपचार में अत्यधिक प्रभावी है।



कुछ भी खाने या पीने से पहले लहसुन  ( Garlic ) खाने से ताकत बहुत अधिक बढ़ती है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

लहसुन  ( Garlic ) का इस्तेमाल हम खाने का स्वाद बढाने में किया जाता है। इसके इस्तेमाल से खाना का टेस्ट बदल जाता है। लेकिन आप जानते है कि लहसुन की एक कली हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

ये आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढाता है बल्कि आपके सेहत का भी ख्याल रखता है। अगर आप इसकी  ( Garlic ) एक कली का सेवन रात को सोते वक्त या खाली पेट करते है तो यह हमारे शरीर के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

आयुर्वेद में लहसुन  ( Garlic ) को जवान बनाए रखने वाली बेहतरीन औषधि माना गया है। साथ ही, यह जोड़ों के दर्द की भी बहुत ही अचूक दवा है।  आज हम आपको बताने जा रहे हैं लहसुन खाने से होने वाले ऐसे ही 12 बेहतरीन फायदों के बारे मे…

लहसुन के 12 बेहतरीन फ़ायदे : ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )
पुरुष के लिए : नए अध्ययन में यह सामने आया है कि जो पुरुष लहसुन  ( Garlic ) खाते हैं महिलाएं उनकी तरफ़ अधिक आकर्षित होती हैं। अध्ययन के अनुसार महिलाओं को उनके पसीने की गंध अच्छी लगती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि महिलाएं कुछ इस तरह से विकसित हो गई हैं कि अब उन्हें लहसुन  ( Garlic ) खाने वाले अच्छे लगते हैं। लहसुन  ( Garlic ) में एंटीबायोटिक, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं। ऐसे में पुरुषों के पसीने से आने वाली लहसुन की गंध महिलाओं को उनके स्वस्थ होने का संकेत देती है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

ब्लड सर्कुलेशन और ह्रदय : कई लोगों का यह मानना है कि लहसुन खाने से हाइपरटेंशन के लक्षणों से बहुत आराम मिलता है। यह न केवल ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित गंभीर समस्याओं को भी दूर करता है। साथ ही, लीवर और मूत्राशय को भी सुचारू रूप से काम करने में सहायक होता है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

फोड़े फुंसी को भी खत्म करता है : अगर आपको फंगल इंफेक्शन के कारण कहीं फोड़े-फुंसी हो गए हैं तो आप लहसुन को उस जगह लगा सकते हैं। लहसुन इस तरह के संक्रमक घाव को जड़ से खत्म कर देता हैं। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

डाइबिटीज़, ट्युफ्स, डिप्रेशन और कैन्सर : जब डिटॉक्सिफिकेशन की बात आती है तो वैकल्पिक उपचार के रूप में लहसुन बहुत प्रभावी होता है। लहसुन  ( Garlic ) शरीर को सूक्ष्मजीवों और कीड़ों से बचाता है। अनेक तरह की बीमारियों जैसे डाइबिटीज़, ट्युफ्स, डिप्रेशन और कुछ प्रकार के कैंसर की रोकथाम में भी यह सहायक होता है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

भूख बढाए : यह  ( Garlic ) डाइजेस्टिव सिस्टम को पूरी तरह ठीक करता है और भूख भी बढ़ाता है। जब भी आपको घबराहट होती है तो पेट में एसिड बनता है। लहसुन इस एसिड को बनने से पूरी तरह रोकता है। यह तनाव को कम करने में भी सहायक होता है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

श्वसन तंत्र को मजबूत बनाएं : लहसुन  श्वसन तंत्र के लिए बहुत लाभदायक होता है। यह अस्थमा, निमोनिया, ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस, पुरानी सर्दी, फेफड़ों में जमाव और कफ आदि की रोकथाम व उपचार में बहुत प्रभावशाली होता है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

हाई ब्लड प्रेशर को करें कंट्रोल : इसका  ( Garlic ) सेवन करने से न केवल ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है।  ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )



पेट संबंधी समस्या को दूर : लहसुन पेट संबंधी समस्याओं के लिए काफी फायदेमंद है। साथ ही इसका सेवन करने से आपके पेट में मौजूद विषाक्त पदार्थों को साफ कर देता है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

दांत दर्द से दिलाएं निजात : अगर आपके दांतो में दर्द हो रहा हो तो लहसुन की एक कली काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इसमें एन्टीबैक्टिरीअल और दर्दनिवारक गुण दांत के दर्द से राहत दिलाता है। इसके लिए इसका एक कली पीसकर दांत के दर्द के जगह पर लगा दें। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

अंत: शक्ति को बढ़ाने में सहायक : अगर आप सुबह उठकर खाली पेट लहसुन  ( Garlic ) की दो कलियां शहद में मिलाकर खाते हैं तो यह आपके अंत: शक्ति को बढ़ा देता है चाहे आप स्त्री हो या पुरुष यह दोनों के लिए समान रूप से कार्य करता है। यदि किसी लड़की को पीरियड्स की कोई भी परेशानी है तो वह भी सप्ताह में दो बार लहसुन की दो-तीन कलियां शहद के साथ खा सकती हैं। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

एलर्जी दूर रखने में : कई बार मौसम बदलने की वजह से घर में बच्चे और बुज़ुर्ग बीमार पड़ जाते हैं, ऐसा बैक्टीरिया की वजह से होता है. बदलते मौसम में बैक्टीरिया भी अधिक मात्र में पाए जाते हैं जिनकी वजह से बच्चों में सर्दी ज़ुकाम देखने को मिलता हैं. इस सर्दी ज़ुकाम से अगर फ़ौरन राहत पाना चाहते हैं तो बच्चों के तकिये के नीचे लहसुन की एक कली रख दें. लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जिससे बदलते मौसम में बीमारियाँ नहीं होंगी। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )

नींद लाने में मददगार : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बड़ी संख्या में लोग नींद न आने की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। सुबह से शाम तक आॅफिस, कॉलेजों आदि में थककर चूर होने के बाद नींद न आने से परेशान हो रहे लोग लहसुन का उपयोग कर सकते हैं। बताया जाता है कि यदि सोने से पहले तकिए के नीचे लहसुन  ( Garlic ) को रखकर सोया जाए या लहसुन की एक कली का सेवन किया जाए तो इससे अच्छी नींद आती है। ( Benefits of garlic, लहसुन के फायदे )