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घर पर बनाएं कोई भी नशा छुड़ाने की दवा


किसी भी चीज़ की अधिकता हमारा नुकसान ही करती है, फिर चाहे वह मानसिक हो या शारीरिक नुकसान। नशा एक ऐसी चीज है जिसे यदि जरूरत से अधिक लिया जाए तो यह हमारे शरीर को अंदर से खोखला करने लगती है। वैसे सीमित मात्रा में नशा करने के भी नुकसान हैं, किंतु जैसे ही सीमा बढ़ा दी जाए इसके नकारात्मक प्रभाव कई गुणा बढ़ जाते हैं।

जब तक लोगों को इसके बुरे होने की बात समझ आने लगती है तब तक काफी देर हो चुकी होती है, शरीर विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ जाता है। लेकिन अगर समय से इलाज कर लिया जाए तो बचाव किया जा सकता है।

आज हम आपको नशा छोड़ने से संबंधित एक अचूक उपाय बताने जा रहे हैं। यह एक प्रकार की दवा है जो हर तरह का नशा छुड़ाने में सहायक सिद्ध होती है। नशा चाहे कोई भी – शराब, गुटखा, तम्बाकू आदि, किसी भी तरह के नशे से छुटकारा पाया जा सकता है।

इस दवा को तैयार करने के लिए सबसे पहले अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें। अब इन पर सेंधा नमक डालें और साथ ही नीम्बू निचोड़ दें।

अंत में टुकड़ों को धूप में सूखने के लिए रख दें। जब टुकड़े सूख जाएं तो इन्हें एक डिब्बे में रख लें। लीजिए बन गई नशा छुड़ाने की दवा ।

अब जब भी किसी नशे की लत लगे तो ये टुकड़ा निकालें और चूसते रहें। ये अदरक मुंह में घुलती नहीं है और इसे आप सुबह से शाम तक मुंह में रख सकते हैं, यकीन मानिए कि किसी दूसरे नशे को करने का मन भी नहीं करेगा।

इसके पीछे एक ठोस कारण है… 
दरअसल नशा युक्त पदार्थों में भारी मात्रा में सल्फर पाया जाता है और अदरक से बनाई गई यह दवा सल्फर युक्त होती है। इसलिए जैसे ही शरीर को सल्फर की मात्रा मिल जाएगी, किसी अन्य नशे को करने का मन नहीं करेगा।

इस तरह यदि एक बार नशे से मन उठ गया तो यह बुरी आदत हमेशा के लिए छूट जाएगी। इस पोस्ट को अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अपने राज्य और देश को नशामुक्त बनाएं।

चुटकी बजाते सेकण्ड्स में ज़ुकाम हो जायेगा छू मंतर।

जुकाम कैसा भी हो, ये प्रयोग ऐसा है के इसको करते ही ऐसे असर आएगा जैसे कोई जादू. और अगर आपको अक्सर ही ज़ुकाम रहता हैं और आप ज़ुकाम की दवा खा खा कर परेशान हो गए हैं तब तो आपके लिए ये जानकारी बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप इस घरेलु नुस्खे से चुटकी बजाते ही जुकाम से आराम पा सकते हैं। आइये जाने इसके बारे में।


जुकाम को दूर भगाने की चमत्कारिक औषिधि आपकी रसोई में ही मौजूद हैं। ये हैं रोज़ाना भोजन में इस्तेमाल होने वाला एक छोटा सा मसाला – जीरा। जी हाँ जीरा।

इस छोटे से जीरे में न सिर्फ ज़ुकाम और सिर दर्द भगाने के गुण हैं – यह फंगस और बैक्टीरिया से भी लड़ता है – जीरा इन्फेक्शन्स से भी बचाता है और इससे आपका इम्यून सिस्टम भी स्ट्रॉन्ग रहता है। जीरे में विटामिन ए और विटामिन सी भी हैं, ये सर्दी – ज़ुकाम से बचाते हैं।

जाने ज़ुकाम होने पर कैसे करे जीरे का इस्तेमाल :-
ज़ुकाम होने पर आप एक चम्मच जीरा कच्चा ही धीरे धीरे चबा चबा कर खाए। आपको तुरंत आराम मिल जायेगा। ज़ुकाम होने पर दिन में 3-4 बार खा सकते हैं। इसके साथ आप जीरा चाय भी पी सकते हैं।

जीरा चाय
दो कप पानी में एक चम्मच जीरा डालकर उबालें – जब पानी उबल जाए तो उसमें पिसी हुई अदरक चाय वाला आध पौन चम्मच और तुलसी की 8 – 10 पत्तीयां डालकर फिर से उबालें। इस पानी को छाने और फिर इसे धीरे – धीरे पिएं। जीरा डाल कर पानी की गर्म स्टीम भी ली जा सकती हैं।

जीरा स्टीम
पानी में जीरा उबालकर स्टीम भी ले सकते हैं – इसमें थोड़ी लौंग मिला लें !इससे आपकी बंद नाक खुल जाएगी और ज़ुकाम से राहत मिलेगी। ध्यान रहे कि स्टीम लेने के बाद थोड़ी देर अपना सिर और छाती चादर से ज़रूर ढक लें। अगर स्टीम लेने के बाद बाहर गए व ठंड लग गई – तो चेस्ट कन्जेशन के चांसेस होते हैं।

अगर आपको ज़ुकाम के साथ ठंड भी लग रही है – तो रात में गर्म दूध में थोड़ी हल्दी डालकर पिएं। इससे आपको ज़ुकाम के साथ – साथ खांसी से भी राहत मिलेगी। हल्दी के लिए ज़्यादा जानकारी के लिए आप हमारी ये पोस्ट पढ़ सकते हैं। [हल्दी वाले दूध पीने के फायदे]

जब बच्चा जिद्दी और झूठ बोले क्या उपाय करे


बच्चे जिस टेबल पर पढ़ाई करता हैं उस टेबल पर पर चांदी की कटोरी में जल भरकर रख दे , या अगर चांदी की कटोरी नहीं है तो किसी स्वच्छ बर्तन में पानी भरकर उसमें चांदी का एक टुकड़ा या चांदी का एक सिक्का दाल दे , बच्चे की एकाग्रता बढ़ेगी , उसे बैचैनी से शान्ति मिलेगी ।
यदि माता पिता को अगर इस चीज का पता चलता ही की बच्चा झूठ बोल रहा है तो उसके सिरहाने धतूरे की जड़ को चांदी के तार में लपेटकर रख दे ।

आवला और ब्राम्ही का सेवन बच्चे को करवाये इससे बच्चे का आत्मबल कमजोर नहीं होगा।
अगर बच्चा गलत आदत और संगत के कारण झूठ बोल रहा है तो लाल या काले धागे में यह बात सोचते हुए की " मै मेरे बच्चे को झूठ बोलने से बचाना चाहती/चाहता हूँ" 11 गांठे लगा ले और बच्चे के गले में पहन दे ।

यदि कोई बच्चा जरूरत से ज्यादा जिद करे व घर में उछल कूद के साथ कीमती सामानों की तोड़ फोड़ करने पर उतारू रहे तो चांदी का चंद्रमा बनवाकर उसे पूर्णिमा की रात्रि में शुद्ध कच्चा दूध या गंगा जल में डूबाकर ¬ सों सोमाय नमः का एक माला जपकर आकाश के चंद्रमा को दिखाते हुए बच्चे के गले में पहना दें। यदि नजर लगती हो तो काले धागे में भी पहना सकते हैं। वैसे सामान्यतः सफेद धागा में पहनाएं, बच्चे का जिद्दीपन दूर हो जाएगा।

बच्चा जिद्दी हो तो इसे छत के पंखे के पंखों पर लगा दे ताकि पंखा चलने पर मोर के पंखो की भी हवा बच्चे को लगे धीरे-धीरे हठ व जिद्द कम होती जायेगी.
बच्चे को मस्तक पर केसर का टीका या हल्दी का टीका लगाना भी शुभ होता हैं, इससे बच्चे को अनुशासन आयेगा ।
घर मे पढ़ाई के कक्ष मै माँ सरस्वती की एक मूर्ति या फोटो अवश्य लगावे,और बच्चे से वँहा एक दीपक रोज जलवाए ।

सुबह उठते ही बच्चे को अपने धर्म अनुसार गायत्री मन्त्र , नवकार मन्त्र आदि का पूर्व दिशा की और मुख करके हाथो को देखकर बोलने की आदत
नियमित रूप से सूर्य देव को ताम्बे के लौटे से जल अर्पित करने से बच्चे का मनोबल बढ़ेगा ,और आँखों की रौशनी भी बढ़ेगी ।
हर पूर्णिमा को चांदी के बर्तन से चन्द्रमा को कच्चे दूध का अर्घ्य देने से बच्चे का मन शांत रहेगा और क्रोध एवम् जिद मे कमी आयगी ।

जिन लोगो या बच्चों का मंगल राहु केतु या शनि खराब होंगे वह उनको शान्ति से कभी नहीं बैठने देंगे , हमेशा बैचैनी रहेगी , जीवन में अच्छे फल नहीं लेने देंगे , निजी जीवन के साथ साथ रिश्तों में खट्टास आती रहेगी ।बच्चे मै एकाग्रता की कमी आती हैं, पढ़ाई मे मन भटकता हैं । ऐसे में गंगाजल का दान करें , चाहे मंदिर में या चाहे मित्र या परिवार में , अगर बच्चा झूठ बोलता है तो उसके हाथ से दान करवाए । साथ ही पानी का अपव्यय नही होने दे ।

शुगर को जड़ से खत्म करे दो पत्तियों के सेवन से 100% गारंटी के साथ, एक बार इस्तेमाल जरूर करे!!


आज कल मधुमेह यानी शुगर की बीमारी होना एक आम सी बात बन हैं। हर घर में किसी न किसी को शुगर की बीमारी होती है वैसे तो पुरे विश्व में शुगर तेजी से फैलते जा रही है लेकिन भारत में इसके रोगियों की संख्या दूसरे देशों की तुलना में कहीं अधिक है। शुगर के रोग में रोगी के शरीर में इंसुलिन प्राकृतिक रूप से नहीं बनता और शरीर में शुगर की मात्रा अधिक हो जाती हैं। जिसको नियंत्रण में रखने के लिए रोगी को इंसुलिन के टिके लगाने पड़ते है या इसको नियंत्रण में रखने के लिए दवाई का सेवन करना पड़ता है।

लेकिन क्या आप जानते है की आयुर्वेद में बहुत सारे ऐसे घरेलु उपाय है जिनको अपनाकर आप अपनी शुगर को जड़ से खत्म भी कर सकते है। वैसे तो बहुत सारे घरेलु उपाय होते है लेकिन आज हम बात करने जा रहे है की कैसे हम आम के दो पत्तों से अपनी शुगर को जड़ से खत्म कर सकते है। जी हाँ आपने बिल्कुल सही सुना आम के पत्तो के सेवन से हम शुगर को जड़ से खत्म कर सकते है।

औषिधि बनाने की विधि और सेवन करने का तरीका –

विधि – 1
आप आम की ताजी पत्तियों को तोड़ कर धुप में छिपा ले और सूखने पर इनको पीसकर इसका पाउडर बना लें आपका घरेलु उपाय बनकर तैयार हैं। शुगर को जड़ से खत्म करने के लिए सुबह खाली पेट एक चम्मच इस पाउडर का सेवन पानी के साथ करें। ऐसा करने से आपका शुगर बहुत ही जल्दी समाप्त हो जाता है।

विधि – 2
अगर आप किसी कारण पाउडर का सेवन नहीं कर सकते तो आप आम की ताजा पत्तियों को रात में एक गिलास पानी में भिगोकर रखदे। सुबह उठकर इसको अच्छे से उबाल कर इसको छानकर इसका सेवन सुबह खाली पेट करें। ऐसा करने से तेजी से शुगर नियंत्रण में हो जाता है और कुछ ही दिनों में आपका शुगर बिल्कुल खत्म हो जाता हैं।

अगर कोई भी शुगर का रोगी इन दोनों उपाय में से किसी भी एक को अपनाता है तो कंट्रोल हो जाती है।

26 इंच कमर चाहिए, तो हर रोज ये 5 चीजें खाइए

1 कसूरी मेथी - पेट के इंफेक्शन से बचाए
जिस महिला को ताउम्र पेट के इंफेक्शन से बच के रहना है उसे हर रोज कसूरी मेथी का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा रोजाना कसूरी मेथी का सेवन करने से हार्ट, गैस्ट्रिक और आंतों की समस्‍याएं भी नहीं होती है। कसूरी मेथी खाने से एनीमिया की बीमारी में भी लाभ मिलता है। ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं के लिए कसूरी मेथी वरदान है। ये ब्रेस्ट में दूध को बढ़ाने में मदद करता है।

2 अलसी - हृदय रोगों से रक्षा करे
घर और ऑफिस के काम के बीच तालमेल बैठाने के दौरान महिलाओं में काफी तनाव हो जाता है। जिससे महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दिल की इन बीमारियों से बचने के लिए रोज सुबह महिलाओं को खाली पेट अलसी के कुछ बीजों का सेवन करना चाहिए। इसमें उपस्थित घुलनशील फाइबर्स आपके कोलेस्ट्रॉल को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने का काम करता है।

3 शहद - कब्ज दूर रखे
शहद खाने से गैस और पेट फूलने की समस्या नहीं होती है। समय पर खाना ना खाने की वजह से कई महिलाओं को कब्ज की भी समस्या होती है। ऐसे में महिला को रोज सुबह शहद में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर खानी चाहिए। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर बनती है और कब्ज की समस्या नहीं होती।

4 अजवाइन - डायबिटीज का खतरा कम करे
रसोईघर में मौजूद अजवाइन औषधीय गुणों का भंडार है। ये ना केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है अपितु पेट से जुड़ी कई सारी बीमारि‍यों को भी दूर रखने में मदद करता है। दिन में अगर आप एक बार किसी भी समय एक चम्मच अजवाइन खाते हैं तो ताउम्र डायबिटीज से दूर रहेंगे। अजवाइन पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है।

5 नींबू - मोटापा दूर रखे
अगर आप इन सारी चीजों को खाने की टाइमिंग याद नहीं रख पाती हैं तो दिन में खाने के बाद रोज एक ग्लास पानी में नींबू मिलाकर पिएं। इसे पीने से मसूड़ों से खून आने की समस्या कभी नहीं होगी। दांत मजबूत बनेंगे। स्कर्वी रोग नहीं होगा। मोटापा दूर रहेगा।

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घर पर बनाइए आसानी से शुद्ध देशी घी


अमूमन हम सभी बाजार से ही घी खरीदते हैं लेकिन अक्सर उसके मिलावटी होने का संदेह बना रहता है। ऐसे में अगर हम घर पर ही घी तैयार कर लें तो मिलावट का डर नहीं रह जाएगा। इसके साथ ही घर पर बने घी का स्वाद भी बहुत खास होता है।

विधि :
आप दूध तो रोज खरीदते ही होंगे। नियमित रूप से दूध की मलाई जमा करते रहें।मलाई को किसी ढक्कन वाले बर्तन में ही रखें।दूध उबालने के बाद उसकी सतह पर जमी मलाई को रोज इस बर्तन में जमा करते जाएं।इस बर्तन को बाहर नहीं, फ्रिज में ही रखें।जब एक अच्छी मात्रा में मलाई जमा हो जाए तो बर्तन को बाहर निकाल लें।मलाई को एक बड़े पैन में डालकर पिघलने के लिए छोड़ दें।धीमी आंच पर मलाई को रख दें। घी बनने में कितना वक्त लगेगा यह पूरी तरह मलाई की क्वालिटी पर निर्भर करता है।थोड़ी देर बाद आप देखेंगे कि घी, मलाई से अलग होने लगी है।इसे ठंडा होने दें। जब ये ठंडा हो जाए तो इसे एक जार में छान लें।लीजिए, आपका होम मेड घी तैयार है।

ईयर बड्स से कान साफ करना है खतरनाक, जानिए कैसे


अक्सर लोक ईयर बड्स का इस्तेमाल ईयर वैक्स को निकालने के लिए करते हैं जो कि गलत है क्योंकि ईयर वैक्स आपके कानों की सुरक्षा करता है और जरुरत होने पर वो खुद ही बाहर निकल जाता है।

क्या आप जानते हैं हम हर रोज एक गलती करते हैं और हम ये दूसरों के देखकर करते रहते हैं, जिसमें कॉटन बड्स से कान साफ करना भी है। जी हां, आपको ये सुनकर भले ही अजीब लगे लेकिन ये बात सच है कि ईयर बड्स से कान साफ करना आपके कान के लिए ठीक नहीं है और आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। अक्सर लोक ईयर बड्स का इस्तेमाल ईयर वैक्स को निकालने के लिए करते हैं जो कि गलत है क्योंकि ईयर वैक्स आपके कानों की सुरक्षा करता है और जरुरत होने पर वो खुद ही बाहर निकल जाता है। इसलिए इसके साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए, साथ ही आपको किसी भी अन्य डिवाइस से ईयर वैक्स निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
क्या होता है ईयर वैक्स-
ईयर वैक्स आपका शरीर खुद विकसित करता है और यह कान को साफ रखने और कानों की आंतरिक सुरक्षा करता है। इससे आपके कान धूल और कई हानिकारक चीजों से बच जाते हैं। यह कान के पर्दे से पहले होता है जो कि उनकी भी सुरक्षा करता है।

कई बार ईयर बड्स या किसी और चीज से कान साफ करने के चक्कर में ईयर बड्स ज्यादा अंदर चला जाता है, जो कि आपके कानों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसके अंदर जाने से आपको कान में दर्द शुरू हो जाता है और कई बाद ज्यादा अंदर जाने से आपके कानों को सुनने की दिक्कत भी हो सकती है। कई ईएनटी विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर मामले में ईयर वैक्स ईयर बड्स की वजह से आगे चला जाता है। हाल ही में अमेरिकल एकेडमी ऑफ ऑटोलेरीजॉलॉजी ने एक गाइडलाइंस जारी की थी, जिसके अनुसार आपका कान साफ करने के लिए दूसरे ओब्जेक्ट को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
कैसे करें कान की सफाई
अपने कान की सफाई करने के लिए आपको अलग से किसी डिवाइस की आवश्यकता नहीं है और आप इसे सीधे साबुन, पानी से साफ कर सकते हैं। सफाई के लिए हर रोज अपने कानों को पानी से धो लें और नियमित रुप से इसकी सफाई करते रहें। इसी के साथ ही कान के बाहरी हिस्से को ज्यादा अच्छे से साफ कर लें और ईयर वैक्स को जबरदस्ती निकालने की कोशिश ना करें। अगर आपको ईयर वैक्स से संबंधित कोई दिक्कत हो रही है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें और उससे ही वैक्स निकलवाएं।

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घर से चींटियां भगाने के आसान घरेलू उपाय

घर में चीटियों की समस्या बहुत पुरानी है, जहां मीठा होगा वहां चीटियां आना शुरू हो जाती है| चीटियां मीठे के अलावा, नमकीन के डिब्बे में, रोटी के टिफिन तक में घुस जाती है| छोटी होने के बाद भी यह बहुत परेशान कर देती है| एक चींटी से समस्या नहीं होती, कई सारी चीटियों के आने से परेशानी खड़ी हो जाती है| चीटियां एक दूसरे को संकेत और संदेशो का आदान प्रदान अपने सिर पर मौजूद एंटीना की मदद से करती है|

फेरोमोन्स एक प्रकार का केमिकल होता है , जिसकी मदद से चींटी रास्ता बना कर वह दूसरी चीटियों को रास्ता बताती है| इससे निजात पाने के लिए घरेलू उपाय कर सकते है| नींबू की खुशबू चींटियों को नापसंद होती है| नींबू के छिलके जहां होते है वहां से चीटियां चली जाती है| किचन में इस्तेमाल होने वाला तेजपान पत्ता भी चीटियों को भगाने का काम करता है|

दालचीनी और काली मिर्च भी चीटियों को भगाने के काम आती है| जहां चीटियां हो वहां दालचीनी या काली मिर्च के पावडर को छिड़क दे| सिरका और पानी को बराबर मात्रा में लेकर स्प्रे बना ले, जहां-जहां चीटियां हो वहां स्प्रे कर दे या फिर पोंछा लगा दे| इसे चीटियां नहीं आएगी|

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>>कब्ज हो या पाचन कमजोर हो चाहे कैसी भी पेट की समस्या का रामबाण उपाय

अगर आप प्लास्टिक की बोतल से पानी पीते हैं , तो एक बार अवश्य पढ़ ले


हर बीमारी का एक ही इलाज है पानी. पानी बॉडी के हर टॉक्सिंस को बाहर निकाल देता है. पहले के समय में लोग तांबे के जग या लोटे में पानी पीते थे और इसी वजह से उनके शरीर से हर तरह की बीमारियां कोसों दूर रहती थी. तांबे में मौजूद तत्व मानव शरीर को अंदर से सही रखता है. पर क्या आप जानते हैं कि पानी पीना का सही तरीका भी होता है।

कहा भी जाता है कि पानी हमेशा बैठ कर ही पीना चाहिए. चाहे आप कितने भी व्यस्त क्यों न हों, पानी पीने के लिए 2 मिनट तो बैठ ही जाना चाहिए. खडे़ होकर पानी पीने से इसका सीधा असर घुटनों पर पड़ता है।

बदलते जमाने के अनुसार आजकल तो सभी बोतल से ही पानी पीना पसंद करते हैं, और वो भी प्लास्टिक की बोतल से. पर वो ये नहीं जानते कि ऐसा करने से वो कई बीमारियों को अपने अंदर इकट्ठा कर रहे हैं।

बोतल से पानी पीने के क्या हैं नुकसान
प्लास्टिक के बोतल से पानी पीना कैंसर की वजह हो सकता है।प्लास्टिक की बोतल जब धूप में गर्म होती है तब प्लास्टिक में मौजूद केमिकल का रिसाव शुरू हो जाता है और यह पानी में घुलकर हमारे शरीर को नुकसान पहुंचता है।

बोतल से पानी पीने से इंसान की स्मरण शक्ति पर बुरा असर पड़ता है।
बोतल को बनाने के लिए बाइसफेनोल ए का प्रयोग किया जाता है जिसका पेट पर भी बुरा असर पड़ता है. पाचन क्रिया प्रभावित होती है और इससे कब्‍ज और गैस की समस्‍या भी हो सकती है।

आज छोडे प्लास्टिक बोतल बाल्टी जग बर्तन का रखा पानी पीना स्वास्थ के लिये घातक प्लास्टिक सब शेयर करे यह पोस्ट पता सके ।

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