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गोरेपन का जापानी नुस्खे


सांवली त्वचा का आयुर्वेदिक उपचार

यूँ तो साँवली त्वचा की खूबसूरती पर कवियों ने अपनी कलम खूब चलाई है। बावजूद इसके सांवला रंग युवा वर्ग में परेशानी का सबब बना हुआ है। गोरेपन की क्रीम के झांसे में फंसने के बजाय बेहतर होगा कि अपनी त्वचा को निखरी और सलोनी बनाने के प्रयास किए जाए।

दुनिया की कोई भी क्रीम आपको गोरा नहीं बना सकती अत: आपको जो त्वचा प्राकृतिक रूप से मिली है उसी को स्वस्थ और आकर्षक बनाने के जतन करने चाहिए।

सांवली त्वचा को सलोनी रंगत देने के लिए अपनी मजीठ, हल्दी, चिरौंजी 50-50 ग्रा. लेकर पाउडर बना लें। एक-एक चम्मच सब चीजों को मिलाकर इसमें 6 चम्मच शहद मिलाएं और नींबू का रस तथा गुलाब जल डालकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो दें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का सांवलापन दूर होकर रंग निखर आएगा।

नींबू व संतरे के छिलकों को सुखाकर चूर्ण बना लें। इस पाउडर को हफ्ते में एक बार बिना मलाई के दूध में मिलाकर लगाएं, त्वचा में आकर्षक चमक आएगी। जाड़े के दिनों में दूध में केसर या एक चम्मच हल्दी का सेवन करने से भी रक्त साफ होता है।
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गैस की प्रॉब्लम से तुरंत राहत पाने के लिए घरेलू नुस्खों Household tips to get quick relief from acidity problem


सबसे पहले तो आप यह जान लें कि आखिर एसिडिटी के लक्षण क्या होते हैं और यह किन कारणों से हो सकती है आमतौर पर एसिडिटी होना आजकल एक आम समस्या है.जैसा की हमने आपको ऊपर बताया तेज मिर्च मसालों से बना खाना या फास्ट फूड खाने से आपको एसिडिटी की प्रॉब्लम हो सकती है और आपके पेट में गैस बनने लगती है और आपके सीने में जलन होना ये एसिडिटी के लक्षण होते हैं. 

अगर आपको नशे की लत है या ज्यादा शराब पीते हैं तो इसके सेवन से भी आपको एसिडिटी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.जैसा की हमने आपको ऊपर बताया ज्यादा तेज मिर्च मसाले वाला खाना खाने से या फास्ट फूड खाने से आपको एसिडिटी और गैस की समस्या हो सकती है और यहां आपको जानकारी के लिए बता दूं कि जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या लंबे समय तक रहती है उन लोगों को ब्लड प्रेशर या शुगर की प्रॉब्लम होने का खतरा बना रहता है.

या ज्यादातर लोगों को तो यह हो ही जाती है गैस की समस्या को लोग आमतौर पर हल्के में ले लेते हैं जो कि वास्तव में बहुत खतरनाक हो सकता है अगर आपके पेट में भारीपन होता है या फिर बार-बार खट्टी डकारें आती हैं, बेचेनी होना, जी मचलना, दिल की धड़कन तेज हो जाना, पेट में दर्द होना या पेशाब में जलन होना या पेशाब का रुक रुक कर आना यह सब भी एसिडिटी के लक्षण हैं इसका मतलब है आप की पाचन क्रिया खराब हो चुकी है और आपको इलाज की सख्त जरूरत है.

इसलिए जितना हो सके अपने खानपान पर ज्यादा ध्यान दें हल्का और सुपाच्य खाना खाएं यानी कि जो जल्दी पच् जाए, और जितना हो सके उतना जंक फूड को Avoid करें।



गैस की समस्या को दूर करने के लिए आप एक अदरक के टुकडे को देसी घी में पक लें. और फिर उस पर काला नमक डालकर खाएं इसके अलावा अदरक की चाय पीने से भी आपको एसिडिटी की प्रॉब्लम से राहत मिलती है.

पका हुआ पाइनएप्पल खाएं या फिर आप इसका जूस पी एम इसकी एल्कलाइन प्रॉपर्टी गैस से तुरंत राहत दिलाने में बहुत मदद करती है.

ठंडे पानी में 1 चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर घोलकर पीने से भी आपका डाइजेशन सुधर जाता है और गैस की प्रॉब्लम दूर हो जाती है.

एक कच्चे आलू को चील लें और आधे गिलास पानी के साथ इसको पीस लें अब इस पानी को  छान लें और उसमें थोड़ा गुनगुना गर्म पानी मिलाकर पी लें ऐसा करने से एसिडिटी की प्रॉब्लम दूर होती है और आपके पाचन क्रिया में सुधार होता है.

गैस की प्रॉब्लम को तुरंत दूर करने के लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच पुदीने का रस डालकर पिए इसके अलावा आप पुदीने की चाय भी पी सकते हैं.
एक चम्मच शहद में आधा छोटा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाकर खाएं और लगभग आधे घंटे बाद पानी पी लें. ऐसा करने से भी एसिडिटी में बहुत राहत मिलती है और पेट का कब्ज भी दूर होता है.

आधा चम्मच हल्दी पाउडर खाकर पानी पिएं इसके बाद आप केला या दही खाएं ऐसा करने से आपके पेट में एंटी फंगल प्रॉब्लम दूर होती है व कब्ज़ और एसिडिटी से राहत मिलती है.

गैस की समस्या को दूर करने के लिए नारियल पानी एक बहुत बढ़िया उपाय है क्योंकि नारियल पानी पीने से आपका डाइजेशन सुधरता है और आपके पेट की तमाम तरह की प्रॉब्लम दूर हो जाती हैं और अगर गैस बन रही हो तो आप नारियल पानी पी लें इससे तुरंत गैस में आराम मिलेगा.

एक गिलास पानी में पांच छह लोग डालकर इस पानी को अच्छी तरह उबाल लें इसके बाद इस पानी को छान लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर इस पानी को पी लेना ऐसा करने से भी गैस की समस्या से राहत मिलती है.

गैस बनने पर पपीता खाएं और खाने से पहले पपीते पर आप काला नमक लगा ले ऐसा करने से पपीते में मौजूद पोपीन और बीटा कैरोटीन पेट की प्रॉब्लम से तुरंत राहत देते हैं और यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत अच्छा है.

एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाने डालकर उसे अच्छी तरह से उबाल लें और जब पानी आधा रह जाए तो उस पानी को छानकर पी लें. शुद्ध शहद की पहचान कैसे करें

इसके अलावा एसिडिटी होने पर आप त्रिफला, खाने का सोडा, नींबू का रस व काला नमक कूट कर व छान कर शीशी में भर कर रख लें। इसको रोशन रात में 10 ग्राम चूर्ण पानी में भिगो कर रख दें और हर दिन सुबह उठकर उसे छान कर पी लें। और ध्यान रहे इसके सेवन के एक घंटे के बाद ही आप कुछ खाएं या पिये। इसके अलावा आप दिन में ठंडा दूध, चावल, हरी पत्ते दार सब्जियां, मीठे फल आदि  नका सेवन ही करें। 

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सेक्स के समय ब्लड प्रेशर, Sex-time blood pressure


परिचय
आजकल की रोजाना की दिनचर्या में ब्लडप्रेशर (रक्तचाप) की बात होना एक आम बात हो गई है। ब्लडप्रेशर के कारण संभोग शक्ति में भी काफी कमजोरी आ जाती है। ह्रदय से धमनियों के द्वारा हर समय रक्त संचार होता रहता है। एक सही व स्वस्थ व्यक्ति का उच्च रक्तचाप 100 से 140 तथा निम्न रक्तचाप 60 से 90 के बीच में होना चाहिए।

दिमागी परेशानी, अधिक गुस्सा, दुख, अधिक मेहनत न करना तथा अधिक तेल-चटपटे मसालेदार चीजों का अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से भी ब्लड प्रेशर के रोग की शिकायत हो जाती है। तथा इसके विपरीत शराब, तंबाकू या ध्रूमपान आदि का ज्यादा सेवन किया जाता है तो ब्लड प्रेशर की समस्या ओर अधिक मात्रा में बढ सकती है। एक खोज से पता चला है कि ब्लड प्रेशर की वजह से संभोग करने में रुचि न होना, बहुत जल्द वीर्य पतन तथा नपुंसकता (नामर्दी) भी हो सकता है। ब्लड प्रेशर की शिकायत बहुत लंबे समय तक होने तक दिल का दौरा भी पड़ सकता है।

सेक्स के समय ब्लड प्रेशर-
ब्लडप्रेशर हर समय एक समान नहीं रह सकता है। दिमागी परेशानी, अधिक गुस्सा करने, भयभीत रहने एंव कठिन परिश्रम करने से भी ब्लड प्रेशर कुछ-कुछ बढ़ जाता है। संभोग करते समय शरीर के खून की गति में तेजी से संचार होता रहता है। सेक्स करते समय ह्रदय की गति 70-80 से बढ़कर 100-120 तक पहुंच जाती है लेकिन चरम सीमा तक पहुंचते-पहुंचते 130-160 के आसपास पहुंच जाती है। संभोग करते समय सेक्स करने वाली स्त्री को भी ज्यादा से ज्यादा खून की आवश्यकता होती है। इसलिए ह्रदय की गति और ब्लड प्रेशर भी बहुत अधिक बढ़ जाता है।

ब्लडप्रेशर पर नियंत्रण
ब्लडप्रेशर के रोगी को कई प्रकार से सेक्स की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उच्च रक्तचाप से पीड़ित लंबे समय से रोगी को संभोग करने में मन न लगना, वीर्य का जल्दी गिरना तथा नामर्दी की समस्या दिखाई देने लगती है। उच्च रक्तचाप के वेग को रोकने के लिए मरीज को अपने पूरे दिन की देख-रेख तथा खाने-पीने के बारे में बदलाव करना बहुत ही आवश्यक है। उच्च रक्तचाप का रोगी जब संभोग करता है तो उसका उच्च रक्तचाप बहुत अधिक मात्रा में हो जाता है। इस वजह से उसे ह्रदय का रोग, एंजाइना या लकवा होने की शिकायत हो सकती है।

अगर उच्च रक्तचाप का रोगी बीड़ी-सिगरेट, शराब तथा पान-तंबाकू का इस्तेमाल बहुत अधिक करता है तो उसे ये सभी पदार्थ तुरंत ही बंद कर देने चाहिए। उन्हें हमेशा तरल पदार्थ ही लेने चाहिए। वसा एवं चर्बी युक्त खाने का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नमक का इस्तेमाल खाने में बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। जरुरत के अनुसार योग और आसन करना चाहिए। उच्च रक्तचाप के लोग जिन दवाईयों का प्रयोग करते है वह दवाईयां भी सेक्स शक्ति को नुकसान पहुचा सकती है। इस बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए।

ब्लड प्रेशर की औषधिः

उच्च रक्तचाप को सही करने के लिए जो दवाईयां प्रयोग की जाती है वे सेक्स पावर को प्रभावित करती है। इटली के आविष्कारक के अनुसार उच्च रक्तचाप को कंट्रोल में करने के लिए प्रयोग में लाने वाली औषधि एटेनोलोल एंव लिसिनोप्रिल के इस्तेमाल करने से पुरुषों की सेक्स शक्ति और शरीर में बहुत अधिक कमजोरी आ जाती है। पेशाब की मात्रा बढ़ाने वाली दवाईयां भी अधिकतर सेक्स शक्ति को कम कर देती है। परंतु उच्च रक्तचाप में प्रयोग में आने वाली काप्टोप्रिल जैसी दवाईयां सेक्स पावर को आकर्षित नहीं करती है। 

हाई ब्लड प्रेशर कम करने के घरेलू उपाय – High Blood Pressure ka Home remedies,

हाई ब्लड प्रेशर में तरबूज और लिची खाना फयदेमंद है।
1 चम्मच प्याज के रास में 1 चम्मच शुद्ध देसी शहद मिला कर लेने से उच्च रक्तचाप की बीमारी में आराम मिलता है।
शहतूत का शरबत 25 ग्राम मात्रा में सुबह शाम पीने से heart की कमज़ोरी दूर होती है।

गाजर का मुरबा खाना भी फयदेमंद है।
दालचीनी पाउडर का आधा चम्मच रोजाना सुबह गरम पानी के साथ ले। ये दवा ब्लड प्रेशर को control करने का अच्छा घरेलू उपाय है।

रात को सोने से पहले एक गिलास गरम पानी में आधा चम्मच मेथी दाना भिगो कर रखे, सुबह उठ कर पानी पिये और मेथी के दाने चबा कर खाये। इस नुस्खे से उच्च रक्तचाप जल्दी कम होगा।

लौकी का रस सुबह खाली पेट पिये और इसके बाद एक घंटे तक कुछ खाये पिये नहीं। लौकी का रस उच्च रक्तचाप कम करने के साथ दिल को भी health रखेगा और sugar cholesterol जैसी बीमारियो से भी दूर रखेगा।

गिलोय, आँवला, सरपगंधा, आश्कंद और अर्जुन-वृष की छाल को बराबर मात्रा में पीस कर चूरन बना ले और पानी के साथ सुबह शाम ले।

सरपगंधा का चूरन दिन में 2 बार दो – दो ग्राम लेने से हाई ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है।

एक – एक  ग्राम सूखा धनिया और सरपगंधा दो ग्राम मिश्री में पीस कर पानी के साथ खाने से high bp normal हो जाता है.


लो ब्लड प्रेशर का इलाज केघरेलू नुस्खे
Low blood pressure का सब से आसान और बढ़िया उपाय है नमक वाला पानी। दिन में दो से तीन बार नमक का पानी पिने से आराम मिलता है।

निम्न रक्तचाप की समस्या में गुड़ का सेवन करना उतम है। 1 गिलास पानी में 20 से 25 ग्राम गुड़ थोड़ा सा निम्बू का रास और थोड़ा सा नमक मिला कर पिये। इस gharelu upay को दिन में 2 से 3 बार करने पर सामान्य हो जायेगा।
अनार के रस में थोड़ा नमक डाल कर पिने से जल्दी आराम मिलता है। इसके इलावा गन्ने का रस, अनानास का रस और संतरे का रस भी निम्न रक्तचाप ठीक करने में फायदा करते है।

एक गिलास देसी गाय के दूध में एक चम्मच देसी गाय का घी मिला कर पिने से ठीक हो जाता है।

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योगा से ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे
योगा शरीर में रक्त संचार को सामान्य करने में मदद करता है जिससे heart attack की संभावना कम हो जाती है।

रोजाना प्राणायाम करने और ध्यान लगाने से मानसिक तनाव कम होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
प्राणायाम में अनुलोम – विलोम और योगा में सुखासन और शवसन करे.
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थोड़ा सा नमक और जैतून का तेल मिलायें और पांच सालों तक दर्द से छुटकारा पायें !


जब हमें सेहत से सम्बंधित कोई समस्या होती है तो हम तुरंत ही दवा का सहारा लेते हैं. जब के बहुत सारी इसी कुदरती औ शदियाँ मोजूद हैं जो दवा से भी ज़यादा असरदार होती हैं. जैसे के अगर आप गर्दन के दर्द (osteochondrosis) से पीडित हैं , जो के बहुत ही दर्दनाक और हताश करने वाली स्थिति है उसे आप दवा के जगह कुछ प्राक्रितिक औषधियो से ठीक कर सकते हैं. 

औषधि तैयार करने की सामग्री : 
10 चमच उच्च गुणवता का नमक 20 चमच जैतून अथवा सूरजमुखी का कच्चा तेल (unrefined oil) 

विधि: इसको बनाने की विधि बहुत ही आसान है,एक कांच के बर्तन में दोनों चीज़े मिला लें. बर्तन को अच्छी तरह से 2 दिन के लिए बंद (air tight) कर के रखें और दो दिन बाद एक हलके रंग की औषधि तैयार हो जाएगी . इस्तेमाल का तरीका: सुबह इस औषधि को प्रभावित जगह पर लगायें और हलके हाथों से मालिश करें.

शुरुआत में 2-3 मिनट के लिए करें और धीरे धीरे अवधी बढाए. विशेषज्ञों के अनुसार ज़यादा से ज़यादा 20 मिनट की मालिश काफ़ी है. मालिश करने के बाद गीले तोलिये से साफ करें .

अगर आपको तव्चा पर हलकी जलन महसूस हो तो बच्चों के इस्तेमाल का पाउडर लगायें इस से आपको जलन से राहत मिलेगी. 10 दिन में ये औषधि आपके खून के बहाव को बढाएगी और आपकी मासस्पेशिओं को पुनर्जीवित कर के आपके तंत्रिका तंत्र्र और हडियो को मज़बूत करेगी. इस इलाज के बाद आपका सर दर्द हमेशा के लिए चला जायेगा कियोंकि ये औषधि खून के बहाव को बढाने में मदद करती है और अच्छी दृष्टि भी प्रदान करती है. इस के इलावा ये आपके शारीर को ज़ेहरीले तत्वों से मुक्त करेगी और आपके पाचन तंत्र को मज़बूत करेगी. 

याद रखें इसके इस्तेमाल से आप थोड़ा असहज महसूस कर सकते हैं मगर इस होना सौभाविक है. इस के इस्तेमाल से आपको अश्चर्यजनक नतीजे मिलेगे , और सब से अच्छी बात ये है के पारंपरिक दवाओ के उलट इसका कोई दुष्प्रभाव भी नही है .
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जवान हो जाएँ इस चमत्कारिक औषधि से..!! Be young at this wondrous drug!


आँखों की रौशनी को बढ़ाने और उसके आस पास के तव्चा को पुनर्जीवित करने का उपचार बहुत ही आसान है इस की सारी सामग्री आप की रसोई में ही मिल जायगी और इसे बनाने की विधि बहुत ही सरल है.

ये चमत्कारी औषधि निकट दृष्टि दोष (Myopia) के इलाज में बहुत लाभकारी है |

इस औषधि की सबसे अच्छी बात ये है के ये बिलकुल सुरक्षित है और इसके कोई दुश्पर्भाव नहीं हैं कियोंकि ये प्रक्रितिक तत्वों से बनी है | और ये औषधि बनाने के लिए आपकी जेब पर भी ज़यादा भार नही पड़ेगा कियोंकि ये बहुत हे कम कीमत में तैयार हो जाती है |

इसके रोजाना इस्तेमाल से आँखों के आस पास की तव्चा नरम और मुलायम हो जाती है |

और इसके इलावा इसके इस्तेमाल से आपके बाल भी अच्छे हो जाएँगे और बालों का झड़ना कम हो जायेगा
इसे एक बार ज़रूर इस्तेमाल करें कियोंकि इस में आपका कुछ खर्च नही होगा बल्कि बेशकीमती सेहत से जुड़े फायदे होंगे |

तैयार करने की सामग्री :
लहसुन की 3 कलियाँ (3 cloves garlic)
10 चमच शुद्ध शहद (organic honey)
200 ग्राम अलसी का तेल ( linseed oil)
4 नीम्बू

बनाने की विधि:
सबसे पहले लहसुन को छील कर काटें और पीस लें | इसके बाद नीम्बू को छील कर काट लें और उसे कांच के बर्तन में रखें और उसमे लहसुन , शहद और अलसी का तेल डाल दें | सभी चीज़ों को अच्छे से किसी लकड़ी के चमच से मिला लें | आप की औषधि तयार है | इस मिश्रण को जमाये नही | एक चमच खाना खाने से पहले दिन में 3 बार लें | इसे त्वचा पर नही लगाए|

ये चमत्कारी मिश्रण आपकी नज़र को बढ़ाएगा साथ ही साथ आपके चेहरे को चमकदार बना कर आपको जवान दिखने में मदद करेगा | इसके नतीजे देख कर आप दंग रह जायेंगे |
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आइए जानते हैं कि टमाटर किन‍-किन बीमारियों के लिए फायदेमंद है


भूख बढाने के लिए – 
टमाटर खाने से भूख बढती है। इसके अलावा टमाटर पाचन शक्ति, पेट से संबंधित अनेक समस्याओं को दूर करता है। टमाटर खाने से पेट साफ रहता है और इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

त्वचा के लिए –
टमाटर खाने से सनबर्न और टैन्ड स्किन में फायदा होता है। टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन तत्व त्वचा को अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाता है।

पेट के लिए – 
पेट में कीड कीड़े हैं तो हर रोज खाली पेट टमाटर खाने फायदा होता है। टमाटर में हींग का छौका लगाकर पीजिए, पेट के सारे कीडे मर जाएंगे। टमाटर पर काली मिर्च लगाकर खाना भी काफी फायदेमंद होता है।

डायबिटीज के लिए – 
डायबिटीज रोगियों के लिए टमाटर खाना बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज एक खीरा और एक टमाटर खाने से डायबिटीज रोगी को लाभ मिलता है। टमाटर आंखों व पेशाब संबंधी रोगों के लिए भी फायदेमंद है।

लीवर और किडनी के लिए –
टमाटर खाने से लीवर और किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। हर रोज टमाटर का सूप पीने से लीवर और किडनी को फायदा होता है।

गठिया के लिए –
अगर आपको गठिया है तो टमाटर का सेवन कीजिए। एक गिलास टमाटर के रस को सोंठ में डालकर अजवायन के साथ सुबह-शाम पीजिए, गठिया में फायदा होगा।

बच्चों को सूखा रोग होने पर आधा गिलास टमाटर के रस का सेवन कराने से फायदा होता है।

दो या तीन पके हुए टमाटरों का नियमित सेवन करने से बच्चों का विकास शीघ्र होता है।

शरीर का भार घटाने के लिए सुबह-शाम एक गिलास टमाटर का रस पीना लाभप्रद है।

यदि गठिया रोग में एक गिलास टमाटर के रस की सोंठ तैयार करके उसमें एक चम्मच अजवायन का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए सुबह एक गिलास टमाटर के रस का सेवन फायदेमंद है।

डाइबिटीज व दिल के रोगों में भी टमाटर बहुत उपयोगी होता है।

इसमें कैलोरिज कम होती है इसलिए सलाद के रूप में खाया जाता है।ये शरीर से कई तरह बीमारियों से मुक्ति दिलवाते हैं।

टमाटर खाने वालों को कैन्सर रोग नहीं होता।

टमाटर के नियमित सेवन से पेट साफ रहता है।

कफ होने पर टमाटर का सेवन अत्यंत लाभदायक है।

प्रात: बिना कुल्ला किए पका टमाटर खाना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होता है।

पेट में कीड़े होने पर सुबह खाली पेट टमाटर में पिसी हुई कालीमिर्च लगाकर खाने से लाभ होता है।

भोजन करने से पहले दो या तीन पके टमाटरों को काटकर उसमें पिसी हुई कालीमिर्च, सेंधा नमक एवं हरा धनिया मिलाकर खाएं। इससे चेहरे पर लाली आती है व पौरूष शक्ति बढ़ती है।

टमाटर के गूदे में कच्चा दूध व नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर चमक आती है।

टमाटर के नियमित सेवन से अन्य रोग जैसे डायबिटीज, आंखों व पेशाब संबंधी रोगों, पुरानी कब्ज व चमड़ी के रोगों का उपचार होता है।

इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

टमाटर से पाचन शक्ति बढ़ती है।

इसमें साइट्रिक अम्ल और मैलिक अम्ल पाया जाता है इसलिए यह एंटासिड के रूप में काम करता है।
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फिट रहने के लिए ऐसा हो रात का भोजन


1 आमतौर पर लोग नाश्ता लाइट और रात का भोजन हैवी करते हैं जबकि होना इसका उल्टा चाहिए।क्या आप सचमुच ये जानने के इच्छुक हैं कि रात के समय ऐसी क्या चीजें खाएं जिससे आप फिट भी रहें और बॉडी शेप में भी रहे।

2. आज हम आपको बताएंगे रात के समय खाने में किन चीजों का खास ख्याल रखना चाहिए और किन चीजों को करने से बचना चाहिए। जानिए, कुछ टिप्स जिससे आपका रात का भोजन बना सकता है आपको हेल्दी।

3. कैलोरी अगर आप फिट और हेल्दी रहना चाहते हैं तो आपको रात के समय सिर्फ 450 से 500 कैलोरी तक के फूड ही खाने चाहिए। अगर आप अपनी बॉडी पर वर्क कर रहे हैं और वजन भी नियंत्रित कर रहे हैं तो आप 550 कैलोरी त6क खा 7सकते हैं।

4 कार्ब्स डिनर में अधिकत्तर कार्ब्स खाएं। डिनर का 45 से 55 फीसदी हिस्सा कार्ब्स फूड्स से भरपूर होना चाहिए। यानी 50 से 75 ग्राम कार्ब्स। आप रात में कार्बोहाड्रेट खाने से घबराएं नहीं। आमतौर पर लोग सोचते हैं किरात में कार्ब्स खाने से वजन बढ़ जाता है।

5 ऊर्जा बनाए रखने के लिए कार्ब्स जरूरी लेकिन आप कार्ब्स की कम कैलोरी लेंगे तो आप फिट रहेंगे क्योंकि शरीर की ऊर्जा बनाए रखने के लिए कार्ब्स भी जरूरी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी रात में खाने के बाद मिठाई और चिप्स की ललक को कम करना है तो डिनर में कार्ब्स का होना बहुत जरूरी है।

6 प्रोटीन फिट रहने के लिए रात के खाने में 20 से 25 फीसदी प्रोटीन युक्त फूड शामिल होना चाहिए। यानी 25 से 35 ग्राम प्रोटीन का सेवन रात में जरूर करें। प्रोटीन के सेवन से मांसपेशियों को मजबूत बनाएं रखने में मदद मिलती है और रात में मांसपेशियों के पुनर्निर्माण में प्रोटीन मददगार है।

7 डिनर में प्रोटीन इसलिए जरूरी हैं डिनर में प्रोटीन होने से आपको खाने के बादसंतुष्टि मिलती है और दोबारा कुछ ओर खाने का मन नहीं करता।

8  फैटलोगों का मानना है कि फैट फ्री खाना खाना चाहिए लेकिन शरीर को मजबूत बनाने और त्वचा की देखभाल के लिए फैटी फूड खाना भी बेहद जरूरी है। रात के भोज में आप 15 से 25 ग्राम फैट यानी आपकी कुल कैलोरी का 30 से 35 फीसदी हिस्सा फैटी फूड को दे सकते हैं।

9. फैटी फूड ना लेंफैटी फूड में बीफ या चीज़ जैसी चीजों को शामिल करने के बजाय आपको ऑलिव ऑयल, तिल का तेल, नारियल तेल, एवोकैडो, ऑलिव्स, नट्स और सीड्स को शामिल करना चाहिए।

10 फाइबर फिट रहने के लिए8 7 दिनभर में 25 ग्राम फाइबर फूड खाना जरूरी है। ऐसे में रात के समय कम से कम 8 ग्राम फाइबर फूड अपने खाने में शामिल करें। फाइबर युक्त फूड कार्बोहाइड्रेट्स फूड्स में भी शामिल होतेहैं जैसे साबुत अनाज, बींस, फलों का एक छोटा टुकड़ा, एवोकैडो, नट्स और सीड्स को शामिल किया जा सकता है।

11. शुगर डिनर में चार ग्राम या एक चम्मच टेबलस्पून शुगर को शामिल करें। शुगर के तौर पर सॉस ली जा सकती है।

12. इस समय पर करें भोजनआदर्श रूप से रात का खाना शाम के 3.30 स्नैक्स के दो से तीन घंटे बाद हो जाना चाहिए। अगर आप काम के बाद एक्सरसाइज प्लान कर रहे हैं तो स्नैक्स 4.30 तक ले लें। फिर 5.30 बजे आप व्यायाम करें और 7.30 बजे तक डिनर कर लें। आप जितनी जल्दी डिनर करेंगे आपके लिए उतना ही फायदा है।

13. ध्यान रखने योग्य बातें खाने के दौरान छोटी प्लेट का इस्तेमाल करें। शुरूआत में कम खाना ही लें। भूख से एक रोटी कम ही खाएंगे तो अच्छा है। डिनर का समय निर्धारित करेंगे तो बेहतर है। ताजा खाना खाने की कोशिश करें।

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चाहे कैसे भी दाद, खाज, खुजली क्यों न हो, इन सभी को जड़ से मिटाने के घरेलु रामबाण उपाय, Ringworm scabies will clear up by the roots



स्कीन से जुड़ी बीमारियां भी कई बार गंभीर समस्या बन जाती है। ऐसी ही एक समस्या है एक्जीमा या दाद पर होने वाली खुजली और जलन दाद से पीडि़त व्यक्ति का जीना मुश्किल कर देती है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही है 

उपचार -
1 दाद पर अनार के पत्तों को पीसकर लगाने से लाभ होता है। 

2 दाद को खुजला कर दिन में चार बार नींबू का रस लगाने से दाद ठीक हो जाते हैं। 

3 केले के गुदे में नींबू का रस लगाने से दाद ठीक हो जाता है। 

4 चर्म रोग में रोज बथुआ उबालकर निचोड़कर इसका रस पीएं और सब्जी खाएं। 

5 गाजर का बुरादा बारीक टुकड़े कर लें। इसमें सेंधा नमक डालकर सेंके और फिर गर्म-गर्म दाद पर डाल दें। 

6 कच्चे आलू का रस पीएं इससे दाद ठीक हो जाते हैं। 

7 नींबू के रस में सूखे सिंघाड़े को घिस कर लगाएं। पहले तो कुछ जलन होगी फिर ठंडक मिल जाएगी, कुछ दिन बाद इसे लगाने से दाद ठीक हो जाता है। 

8 हल्दी तीन बार दिन में एक बार रात को सोते समय हल्दी का लेप करते रहने से दाद ठीक हो जाता है। 

9 दाद होने पर गर्म पानी में अजवाइन पीसकर लेप करें। एक सप्ताह में ठीक हो जाएगा। 

10 अजवाइन को पानी में मिलाकर दाद धोएं। 

11 दाद में नीम के पत्तों का १२ ग्राम रोज पीना चाहिए। 

12 दाद होने पर गुलकंद और दूध पीने से फायदा होगा। 

13 नीम के पत्ती को दही के साथ पीसकर लगाने से दाद जड़ से साफ हो जाते है।

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थकावट से बचाव के लिए घरेलू नुस्खे (Remedies For Lethargy)


भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी और कई तरह के तनाव, न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को थका देते हैं। थकावट हर किसी को होती है परन्तु कई लोगों को पूरे शरीर में दर्द की शिकायत रहती है। दर्द को कम करने के लिए लोग अकसर पेनकिलर ले लेते हैं। ये दवाएं तुंरत आराम देती हैं परन्तु लम्बे समय तक इसका प्रयोग नुकसान पहुंचा सकता है।

1. ग्रीन टी (Green tea)- थकावट को दूर करने के लिए एक कप ग्रीन टी पीना बेहद प्रभावी है। नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से वजन भी कंट्रोल में रहता है। मांसपेशियों में दर्द (muscle pain) होने पर आप ग्रीन टी बेहद लाभकारी है।

2. अदरक की चाय (Ginger tea)- अदरक की चाय कुदरती पेनकिलर के रूप में कार्य करती है। यह व्यक्ति को तरोताजा भी महसूस कराती है। तुलसी के काढ़े में अदरक मिलाकर भी पीया जा सकता है।

3. सौंफ (Saunf)- किसी पकवान में स्वाद बढ़ाने के साथ ही सौंफ सांस में ताजग़ी लाने में भी बेहद प्रभावकारी है। सौंफ का प्रयोग रसोई में ज़रूर होता है। सौंफ खाने से पेट साफ़ रहता है और आप खुद को तरोताजा महसूस करते है।

4. अजवायन (Ajwain)- अजवायन के पत्ते भी दर्द निवारक दवा की तरह काम करते हैं। यह शरीर के टूटे-फुटे की अंग की मरम्मत करने और जोड़ों के दर्द में बहुत लाभप्रद होते हैं।

5. कद्दू के बीज (Pumpkin seed)- कद्दू के बीज में मैग्नीशियम होता है, जो आलस व थकावट से लड़ने में मदद करता है। आधे घंटे की एक्सरसाइज में अगर आप थका हुआ महसूस करती हैं तो इसका मतलब है कि आपमें मैग्नीशियम की कमी है। व्यायाम के दौरान शरीर में ऑक्सीजन के निर्माण के लिए मैग्नीशियम जरूरी है। इसकी कमी की वजह से थकावट जल्दी होती है।

6. अखरोट (Wallnut)- अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड न केवल थकान और आलस से राहत देता है, बल्कि यह अवसाद से भी बचाता है। इसलिए अखरोट खाने से आपकी झपकियों की समस्या दूर होगी।

7. अनाज (Whole grain)- अनाज में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए आलस और थकान मिटाने में यह मददगार साबित होता है। अनाज में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट (complex carbohydrate) होते हैं। ये थकान से लड़ने में मददगार होते हैं।

8. लाल मिर्च (Red chilly)- लाल मिर्च में विटामिन सी पाया जाता है, जो थकान दूर करता है। लाल मिर्च से दिमाग एक्टिव रहता है और हम हमेशा तरोताजा महसूस करते हैं।

9. दही (Curd)- दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन तंत्र (immune system) को मजबूत रखते हैं। 4 सप्ताह तक दिन में दो बार यदि दही खाया जाए तो शारीरिक और मानसिक सेहत के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और थकान कम होती है।

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हाथों और पैरों के कालेपन को दूर करने के घरेलू उपाय


1 टमाटर में लाइकोपेन नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता है जो बेहतरीन ब्लीच का काम करता है। इससे त्वचा को साफ करें तो रंगत निखरती है। टमाटर को सीधे त्वचा पर रगड़े और फिर पानी से धो दें। या फिर इसे छाछ के साथ मिलाकर लगाएं। रोजाना नहाने से पहले इसे लगाने से कुछ ही दिनों में हाथ पैरों में चमक आ जाएगी।

2 कटे निंबू पर चीनी लगाये और रगड ले 15 मिनट  बाद धो ले सप्ताह मे 3 बार करे

3 कच्चे दूध मे हल्दि मिलाकर  लगाये 15 मिनट सुखने पर धो लै

4 सन्तरे के छिलके को सुखा कर पाउडर बना लै अब इसे दही मे मीलाकर लगाये करीब 30 मिनट 

5 चन्दन पाउडर को गुलाब जल मे मीला कर 30 मिनट  लगाये

6 एलोवेरा के गुद्दे को रगडे 30 मिनट  बाद धो ले

7 नहाने से पहले 20 मिनट  के लीये कच्चा दूध लगाये

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शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने के लिए इन आयुवेर्दिक उपाय


शरीर में खून की कमी से बहुत बीमारियां लग सकती हैं। जिस वजह से इंसान कमजोर हो जाता है और उसका शरीर बीमारियों से लड़ नहीं पाता है। इसलिए महिलाओं और पुरूषों को शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने के लिए इन आयुवेर्दिक उपायों को अपनाना चाहिए।

1. तिल और शहद
दो घंटे के लिए 2 चम्मच तिलों को पानी में भिगों लें और बाद में पानी से छानकर इसका पेस्ट बना लें। अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं और दिन में दो बार सेवन करें।

2. काफी और चाय खतरनाक

काफी और चाय का सेवन कम कर दें। एैसा इसलिए क्योंकि ये चीजें शरीर को आयरन लेने से रोकते हैं।

3.ठंडा स्नान
दो बार दिन में ठंडे पानी से नहाए और सुबह नहाने के बाद सूरज की रोशनी में बैठें।

4. अंकुरित भोजन 
आप अपने भोजन में गेहूं, मोठ, मूंग और चने को अंकुरित करके उसमें नींबू मिलाकर सुबह का नाश्ता लें।

5. आम
पके आम के गुदे को मीठे दूध के साथ सेवन करें। एैसा करने से खून तेजी से बढ़ता है।

6. मूंगफली और गुड़
शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए मूंगफली के दानों को गुड़ के साथ चबा-चबा कर सेवन करें।

7. सिंघाड़ा
सिंघाड़ा शरीर में खून और ताकत दोनो को बढ़ाता है। कच्चे सिंघाड़े को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है।

8. मुनक्का, अनाज, किशमिश, दालें और गाजर 
मुनक्का, अनाज, किशमिश, दालें और गाजर का नियमित सेवन करें और रात को सोने से पहले दूध में खजूर डालकर उसको पीएं।

9. फलो का सेवन
अनार, अमरूद, पपीता, चीकू, सेब और नींबू आदि फलो का अधिक से अधिक सेवन करें।

10. आंवले और जामुन का रस
आंवले का रस और जामुन का रस बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।

11. टमाटर का रस
एक गिलास टमाटर का रस रोज पीने से भी खून की कमी दूर होती है। इसलिए टमाटर का सूप भी बनाकर आप ले सकते हो।

12. हरी सब्जिया
बथुआ, मटर, सरसों, पालक, हरा धनिया और पुदीना को अपने भोजन में जरूर शामिल करें।

13. फालसा
फालसे का शर्बत या फालसे का सेवन सुबह शाम करने से शरीर में खून की मात्रा जल्दी बढ़ती है।

14. लहसुन
शरीर में खून को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से लहसुन और नमक की चटनी का सेवन करे। यह हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करता है।

15. सेब का जूस
सेब का जूस रोज पीएं। चुकंदर के एक गिलास रस में अपने स्वाद के अनुसार शहद मिलाकर इसे रोज पीएं। इस जूस में लौह तत्व ज्यादा होता है।

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रोजाना खाएंगे सिर्फ 3 केले, तो होंगे ये फायदे!


आमतौर पर लोग मानते हैं कि केला खाने से मोटापा बढ़ता है लेकिन ये सिर्फ एक मिथ मात्र है। केला खाने से वजन नहीं बढ़ता बल्कि इसके फायदे ही फायदे हैं। 

आज हम आपको कुछ ऐसे फायदे बता रहे हैं जिस जानकर आप भी रोजाना केला खाने लगेंगे।

क्या कहती है रिसर्च

रिसर्च ये बात साबित कर चुकी हैं कि तीन छोटे केले खाने से उतनी ही एनर्जी मिलती है जितनी 90 मिनट वर्कआउट करने से मिलती है। लेकिन केला खाने से सिर्फ एनर्जी ही नहीं मिलती बल्कि इसको खाने से आप फिट और हेल्दी भी रहते हैं।

ब्रिटीश और इटली के वैज्ञानिकों की रिसर्च में ये साबित हो चुका है कि सुबह नाश्ते में, लंच में और शाम को एक केला खाने यानी पोटैशियम लेने से दिमाग में ब्लड क्लोटिंग होने का खतरा 21 फीसदी कम हो जाता है। रिसर्च में ये भी पाया गया कि रोजाना 1600 पोटैशियम लेने से स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है। साथ ही स्ट्रोक से होने वाली मौत का खतरा 40 फीसदी कम हो जाता है।

ब्लडप्रेशर होता है कंट्रोल
केला खाने से ब्लडप्रेशर कंट्रोल में रहता है। महिलाओं के लिए केला खाना ज्यादा फायदेमंद हैं क्योंकि इससे उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं। इतना ही नहीं, केले में मौजूद पोटैशियम डायट में मौजूद नमक की अधिक मात्रा को कंट्रोल कर सकता है। रिसर्च के मुताबिक, केला खाने से डिप्रेशन दूर होता है।

केले में मौजूद प्रोटीन से ना सिर्फ मूड बेहतर होता है बल्कि आपका अच्छा महसूस करते हैं।केले में मौजूद विटामिन बी6 से ब्लड ग्लूकोस नियंत्रित होता है जिससे पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द कम होता है।केले में मौजूद आयरन से एनिमिया की शिकायत दूर होती है।केले में मौजूद फाइबर से कब्ज की समस्या दूर होती है।

हैंगओवर से निजात पानी है तो भी केला और शहद साथ में खा सकते हैं। मॉर्निग सिकनेस को दूर करना है तो भी केला खा सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की एक रिसर्च के मुताबिक, काम के बोझ को कम करने, काम का तनाव करने के लिए रोजाना केले खाना चाहिए।

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हेल्दी लाइफस्टाइल के 5 RULE, डाइट में शामिल करने से पेट रहेगा फिट


हेल्दी लाइफस्टाइल के 5 RULE, डाइट में शामिल करने से पेट रहेगा फिट

शरीर का खाना पचाना एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है, जिसे कई कोशिशों के जरिए आसान किया जा सकता है जैसे खाने को चबा-चबा कर खाना और ऐसी संतुलित डाइट लेना । हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए संतुलित डाइट लेने से पाचन तंत्र तो सही रहता ही है साथ ही आप कई और बीमारियों से भी बचे रहते हैं। अच्छी हेल्थ के लिए पाचन तंत्र का सही होना जरूरी है। पाचन तंत्र के ठीक काम न करने पर खाना बिना पचा रह जाता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालता है। यहां हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही टिप्स जो आपकी पाचन शक्ति को हमेशा फिट रखेंगे।

पाचन का मतलब होता है कार्बोहाइटड्रेट जैसे स्टार्च और शुगर का पाचन, जो मुंह में स्लाइवा और एंजाइम के जरिए होता है। ये एंजाइम खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते बल्कि बैक्टेरिया से भी लड़ते हैं। इसलिए काने को हमेशा चबा-चबा कर खाना चाहिए। एक्सपर्ट की मानें तो खाने को चबा-चबा कर खाना से पाचन आसानी से हो जाता है। 

रोज मौसमी फल और सब्जियां जरूर खाएं। कोशिश करें कि ऐसी फल और सब्जियां खाएं जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक हो। फैट वाला खाना खाना और अधिक तला-भुना और मसालेदार खाना काने से बचें। 

दिन में पानी की मात्रा ज्यादा से ज्यादा लें और फाइबरयुक्त चीजों को रोज के खाने में शामिल करें। खानें में लहसुन जरूर खाएं और फलों में केला अमरूद, अंगूर और पपीता खाएं। धूम्रपान न करें इससे पाचन तंत्र में समस्या आ सकती हैं।

रोज सुबह उठकर एक गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। इसके साथ ब्रेकफास्ट और खाने के बीच गैप भी नहीं रखना चाहिए। गैस की समस्या में रहती है तो तंग कपड़े पहनने से बचें। कोशिश करें कि अपने खाने में हरी सब्जियां जैसे लौकी, फलियां, गाजर को शामिल करें। 

सब्जियों में पेट के लिए फलियां, कद्दू, गोभी, गाजर और लौकी को शामिल करें। तरबूज का रस एसिडिटी दूर करता है इसलिए दिन में तरबूज भी खाएं।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


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कान दर्द, कान पीप, आयुर्वेदिक इलाज।


कान दर्द, कान पीप, आयुर्वेदिक इलाज।


कर्ण शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसकी रचना जटिल  और अत्यंत नाजुक  है। कान दर्द (earache) का मुख्य कारण युस्टेशियन नली में अवरोध  पैदा होना   है। यह नली गले  से शुरु होकर  मध्यकर्ण को मिलाती है। यह नली निम्न कारणों से अवरुद्ध हो सकती है--

१)  सर्दी लग जाना।
२) लगातार तेज और कर्कश ध्वनि
३) कान में चोंट लगना
४) कान में कीडा घुस जाना या संक्रमण होना।
५) कान में अधिक मैल(वाक्स) जमा होना।
६) नहाते समय कान में पानी प्रविष्ठ होना।

बडों के बनिस्बत छोटे बच्चों को कान दर्द अक्सर हो जाता है। बच्चों मे प्रतिरक्षा तंत्र अविकसित रहता है और युस्टेशियन नली भी छोटी होती है अत:  इसके आसानी से जाम होने के ज्यादा अवसर होते हैं।  रात के वक्त कान दर्द अक्सर बढ जाया करता है। कान में किसी प्रकार का संक्रमण होने से पहिले तो कान की पीडा होती है और इलाज नहीं करने पर कान में पीप पडने का रोग हो जाता है।

कान दर्द निवारक कुदरती पदार्थों के उपचार नीचे लिखे जाते हैं-

१)  दर्द वाले कान में हायड्रोजन पेराक्साइड की कुछ बूंदे  डालें। इससे कान में जमा मैल( वाक्स) नरम होकर बहार निकल जाता है।  अगर कान में कोइ संक्रमण होगा तो भी यह उपचार उपकारी रहेगा। हायड्रोजन में उपस्थित आक्सीजन जीवाणुनाशक होती है।

२)  लहसुन संस्कारित तेल कान पीडा में हितकर है। १० मिलि तिल के तेल में ३ लहसुन की कली पीसकर डालें और इसे  किसी बर्तन में गरम करें। छानकर शीशी में भरलें। इसकी  ४-५ बूंदें रुग्ण कान में टपकादें। रोगी १० मिनिट तक लेटा रहे। फ़िर इसी प्रकार दूसरे कान में भी दवा डालें। कान दर्द में लाभ प्रद नुस्खा है।

३)  जेतुन का तेल मामूली गरम करके कान में डालने से दर्द में राहत होती है।

४)  मुलहठी कान दर्द में उपयोगी है। इसे घी में भूनें । बारीक पीसकर पेस्ट बनाएं। इसे कान के बाह्य भाग में लगाएं। कुछ ही मिनिट में दर्द समाप्त होगा।

५)  बच्चों के कान में पीप होने पर स्वस्थ स्त्री  के दूध की कुछ बूंदें कान में टपकादें। स्त्री के दूध में प्रतिरक्छा तंत्र को मजबूत करने के गुण विध्यमान होते हैं। उपकारी उपचार है।

६)  कान में पीप होने पर प्याज का रस लाभप्रद उपाय है। प्याज का रस गरम करके कान में २-४ बूंदे डालें। दिन में ३ बार करें। आशातीत लाभकारी उपचार है।

७) अजवाईन का तेल  और तिल का तेल १:३ में मिक्स करें। इसे मामूली गरम करके कान में २-४ बूंदे टपकादें। कान दर्द में उपयोगी है।

८) पांच ग्राम मैथी के बीज एक बडा चम्मच तिल के तेल में गरम करें। छानकर  शीशी में भर लें। २ बूंद दवा और २ बूद दूध कान में टपकादें। कान पीप का उम्दा इलाज माना गया है।

९)  तुलसी की कुछ पत्तिया और लहसुन की एक कली पीसकर पेस्ट बनालें। इसे गरम करें। कान में इस मिश्रण का रस २-३ बूंद टपकाएं। कान में डालते समय रस सुहाता गरम होना चाहिये। कान दर्द का तत्काल लाभप्रद उपचार है।

१०)  कान दर्द और पीप में पेशाब की उपयोगिता सिद्ध हुई है। ताजा पेशाब ड्रापर में भरकर कान में डालें,उपकार होगा।

११)  मूली कान दर्द में हितकारी है। एक मूली के बारीक टुकडे करलें । सरसों के तेल में पकावें। छानकर शीशी में भर लें ।कान दर्द में इसकी २-४ बूंदे टपकाने से आराम मिल जाता है।

१२) गरम पानी में सूती कपडा भिगोकर निचोडकर ३-४ तहें बनाकर कान पर सेक के लिये रखें।  कान दर्द परम उपकारी उपाय है।


१३)  सरसों का तेल गरम करें । सुहाता गरम तेल की २-४ बूंदे कान में टपकाने से कान दर्द में तुरंत लाभ होता है।

१४)  सोते वक्त सिर के नीचे बडा तकिया रखें। इससे युस्टेशियन नली में जमा श्लेष्मा नीचे खिसकेगी और नली साफ़ होगी। मुंह में कोई चीज चबाते रहने से भी नली का अवरोध हटाने में मदद मिलती है।

१५)   केले की पेड की हरी छाल निकालें। इसे गरम करें  सोते वक्त इसकी ३-४ बूंदें कान में डालें । कान दर्द  की उम्दा दवा है।


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