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इन 10 चीजों को दोबारा गर्म करके खाने से हो सकता है कैंसर







इन 10 चीजों को दोबारा गर्म करके खाने से हो सकता है कैंसर




हम सभी के घरों में ऐसा होता है कि हम एक वक्त के खाने को दूसरे वक्त गर्म करके खा लेते हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरत हो सकती है कि हर खाने को गर्म नहीं करना चाहिए। खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जिन्हें गर्म करने से वो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाती हैं। कई बार इससे कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें गर्म करने पर उनमें मौजूद प्रोटीन खत्म हो जाता है और उसमें मौजूद कुछ तत्व कैंसर के कारकों में बदल जाते हैं।आइए जानें, ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जिन्हें दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए...

1. चिकन:-  चिकन को दोबारा गर्म करके खाना हानिकारक हो सकता है। दोबारा गर्म करनेे बाद इसमें मौजूद प्रोटीन कॉम्पोजिशन बदल जाता है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

2. आलू:-  आलू स्वास्थ्यवर्धक होते हैं, लेकिन अगर इन्हें बनाकर बहुत अधिक देर तक रख दिया जाए तो इनमें मौजूद पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। इसे दोबारा गर्म करके खाने से पाचन क्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

3. चुकंदर:-  चुकंदर को कभी भी दोबारा गर्म करके नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से इसमें मौजूद नाइट्रेट समाप्त हो जाता है। अगर चुकंदर ज्यादा बन भी गया है तो इसे फ्रिज में रख दें और अगली बार खाने से कुछ घंटे पहले बाहर निकालकर रख दें और बिना गर्म किए खाएं।

4. मशरूम:-  कोशिश की जानी चाहिए कि मशरूम हमेशा फ्रेश ही खाए जाएं। ये प्रोटीन का खजाना होता है, लेकिन दोबारा गर्म करके खाने से इसके प्रोटीन का कॉम्पोजिशन बदल जाता है और ये हानिकारक हो सकता है।

5. अंडा:-  अंडे को दोबारा गर्म करके खाना हमेशा नुकसानदेह होता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन दोबारा गर्म करने के बाद विषाक्त हो जाता है।

6. पालक:-  पालक को दोबारा गर्म करके खाना कैंसर का कारण भी हो सकता है। इससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें मौजूद नाइट्रेट दोबारा गर्म करने के बाद कुछ ऐसे तत्वों में बदल जाते हैं जिससे कैंसर होनेका खतरा बढ़ जाता है।

दमा अस्थमा का अचूक घरेलु इलाज





दमा अस्थमा का अचूक घरेलु इलाज



शहद – एक अचूक घरेलु इलाज है जिसे आप अस्थमा पीड़ित को दे सकते है |
अगर आप बार बार होने वाली दमा की शिकायत से परेशान है तो गरम पानी और शहद को मिला कर उसका भाप ले, इससे तुरंत राहत मिलेगी | Honey में पाई जाने वाली anti-bacterial बलगम से लड़ने में मदद करती है |

Cloves जिसे लौंग भी बोलते है, इसका बड़ा ही लाभकारी उपयोग है | 5 लौंग को ले कर, एक cup पानी में 10 minute तक गरम (boil) करे और ठंडा होने पर एक चम्मच शहद के साथ सोने से पहले daily खाया करे |

अदरक जिसे Ginger भी बोला जाता है उसके औसधीय उपयोग हैं |
एक अदरक के टुकड़े को ले कर उसे निचोड़ ले और उसके रस को एक चम्मच के साथ दिन में 2 बार खाया करे | इस प्रक्रिया को कम से कम 1 month तक चालू रखे ताकि आपको अंतर मालूम चल से |

सरसों के तेल (Mustuard oil) को ले कर उसमे कपूर मिला कर छाती (chest) के ऊपर मालिश करें | इस प्रक्रिया को रात में सोने से पहले करे ताकि ज्यादा असर करे |

मछली (fish) खाना शुरू करें | खास कर सामन मछली और टूना मछली खाने से आपके lung strong होंगे और दमा से लड़ने में मदद करेंगे |

Green Tea या Herbal tea लेना शुरू करें और इसे daily कम से कम 2 बार गरम गरम पिया करे | इसे अपनी आदत में दाल लें, क्योंकि इसमें पाई जाने वाले तत्व दमा को मिटाने में सहायक होती हैं |
रात में सोने से पहले दूध, हल्दी और सूद्ध घी (pure ghee) को मिला कर गरम गरम पीना चाहिए, ऐसा करने से जमे हुए बलगम शरीर से बाहर आ जायेंगे |

Doctor से परामर्श पर Inhalers का भी उपयोग किया जा सकता है जो की दमे से तुरत आराम देती है |
घर के वातावरण को हवादार और साफ़ रखे |

शरीर सुन्न हो जाये तो करे ये उपाय






शरीर सुन्न हो जाये तो करे ये उपाय


बैठे-बैठे या काम करते हुए शरीर का कोई अंग या त्वचा सुन्न हो जाती है| कुछ लोग देर तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते या पढ़ते-लिखते रहते हैं| इस कारण रक्तवाहिनीयों तथा मांसपेशियों में शिथिलता आ जाने से शरीर सुन्न हो जाता है|

शरीर के किसी अंग के सुन्न होने का प्रमुख कारण वायु का कुपित होना है| इसी से वह अंग भाव शून्य हो जाता है| लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि खून के संचरण में रुकावट पैदा होने से सुन्नता आती है| यदि शरीर के किसी विशेष भाग को पूरी मात्रा में शुद्ध वायु नहीं मिलती तो भी शरीर का वह भाग सुन्न पड़ जाता है|

* जो अंग सुन्न हो जाता है, उसमें हल्की झनझनाहट होती है| उसके बाद लगता है कि वह अंग सुन्न हो गया है| सुई चुभने की तरह उस अंग में धीरे-धीरे लपकन-सी पड़ती है, लेकिन दर्द नहीं मालूम पड़ता|

उपाय :-
1 पपीते या शरीफे के बीजों को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर सुन्न होने वाले अंगों पर धीरे-धीरे मालिश करें|

2 सुबह के समय शौच आदि से निपट कर सोंठ तथा लहसुन की दो कलियों को चबाकर ऊपर से पानी पी लें| यह प्रयोग आठ-दस दिनों तक लगातर करने से सुन्न स्थान ठीक हो जाता है|

3. पीपल के पेड़ की चार कोंपलें सरसों के तेल में मिलाकर आंच पर पकाएं| फिर छानकर इस तेल को काम में लाएं|

4.बादाम घिसकर लगाने से त्वचा स्वाभाविक हो जाती है|

5 कालीमिर्च तथा लाल इलायची को पानी में पीसकर त्वचा पर लगाएं|

6 रात को सोते समय तलवों पर देशी घी की मालिश करें| इससे पैर का सुन्नपन खत्म हो जाएगा|

Top 10 beauty Tips, ग्लोइंग स्किन पाने के घरेलू नुस्खे




Top 10 beauty Tips, 

ग्लोइंग स्किन पाने के घरेलू नुस्खे



यदि अचानक किसी खास पार्टी-फंक्शन में जाने का प्लान बन जाए और आपके पास फेशियल, ब्लीच आदि के लिए पार्लर जाने का समय न हो, तो इंस्टंट ग्लो के लिए ट्राई करें टॉप 10 ब्यूटी टिप्स |

1. गुलाब की कुछ पंखुडियों में 2 टेबलस्पून गाडा दूध मिलाकर बारीक पीस लें | तैयार लेप को दस मिनट के लिए फ्रिज मे रख दें | बाहर निकालकर चेहरे पर लगाएं | 20 मिनट बाद जब लेप सूख जाए तो ठंडे पानी से चेहरा धो लें | गुलाब क्री पंखुडियों से त्वचा की रंगत निखरती हैं |

2. पके हुए केले को छीलकर अराल लें मसल लें | इसमें 3 टेबलस्पून पका हुआ पपीता मसलकर मिलाएं | इसे दो मिनट चम्मच से फेंटें | फिर चेहरे पर अप्लाई करें | 20 – 25 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें | इससे स्किन टाइट होती है और नेचुरली ग्लो करती हैं |

3. मिक्सर यें 2 छोटे साइज़ के स्ट्राबेरी और 1 टेबलस्पून बटर (नमक वाला नहीं) डालकर पीस लें | तैयार पेस्ट चेहरे पर लगाएं | 15 मिनट बाद कुनकुने पानी में भीगे हुए टॉवल से चेहरा पोंछ लें | स्ट्राबेरी से स्किन टोन निखरता है और बटर चेहरे को माइश्चाराज़ करता हैं |

4. 2 टीस्पून बेसन में 1 टीस्पून दूध और 1 टीस्पून आलिव आयल मिलाएं | फिर चेहरे को गुलाब जल से धोएं और फेस पैक लगा लें | 20 मिनट बाद कुनकुने पानी से चेहरा धो लें | इससे स्किन ग्लो करेगी और ब्लैक हेड्स की शिकायत भी दूर हो जाएगी |

5. सेब को छीलकर काट लें | अब मिक्सर में 1 टेबलस्पून शहद सहित सेब डालकर बारीक पीस लें | इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद जब चेहरा सूख जाए, तो ठंडे पानी से धो लें | त्वचा में नई चमक आ जाएगी |

6. 3 टेबलस्पून बेसन में 2 टेबलस्पून दूध की गाढ़ी मलाई और चुटकीभर हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं | 30 मिनट बाद जब फेस पैक सूख जाए, तो हाथों को गीला करें और हल्के से चेहरा पोंछते हुए फेस पैक निकालें |

7. 1 टेबलस्पून दूध में थोडा – सा केसर डालकर 6 घंटे के लिए भिगोकर रखें | इसमें 1 टेबलस्पून शहद मिलाएं | जब फेस पैक गाढ़ा हो जाए, तो इसे चेहरे पर लगाएं | 20 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें |

8. संतरे के छिलके को धूप में सुखाएं और मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें | अब 1 टेबलस्पून पाउडर में 1 टेबलस्पून दही मिलाकर पेस्ट बना लें और चेहरे पर लगाएं | 20 मिनट बाद जब सूख जाए, तो कुनकुने पानी से धो लें | इससे स्किन को गोल्डन ग्लो मिलेगा |

9. टमाटर को मिक्सर में पीस लें | इसमें आधा टेबलस्पून शक्कर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और चेहरे पर अप्लाई करें | 15 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें | इससे त्वचा नेचुरली ग्लो करने लगती है |

10. 1 बड़े आकार के एवोकाडो को पीसकर बारीक़ पेस्ट बना लें | इसमें आधा टेबलस्पून दही और नीबू के रस की कुछ बूंदें डालकर अच्छी तरह मिलाएं | तैयार पेस्ट चेहरे पर लगाएं और सूख जाने पर कुनकुने पानी से चेहरा धो लें |

पुत्र-प्राप्ति मन्त्र, संतान प्राप्ति के नियम और उपाय




पुत्र-प्राप्ति मन्त्र, संतान प्राप्ति के नियम और उपाय

आदि काल से ऋषियों ने पहले ही संतान प्राप्ति के नियम(Progeny Rules)और संयम आदि निर्धारित किये थे जिस प्रकार प्रथ्वी पर उत्पत्ति और विनाश का क्रम हमेशा से चलता रहा है और ये आगे भी ये नियमित रहेगा उसी प्रकार इस क्रम में जड़-चेतन का जन्म होता है फिर उसका पालन होता है इसके पश्चात विनाश होता है

जाने कुछ बाते-
1- जीवन में हर दम्पति(Couple) की अभिलाषा होती है कि उसकी कम से कम एक संतान अवश्य हो -जिस प्रकार धरती पर समय पर बीज का रोपड किया जाता है तो बीज की उत्पत्ति और उगने वाले पेड का विकास सुचारु रूप से होता रहता है और समय आने पर उच्चतम फ़लों की प्राप्ति होती है अगर वर्षा ऋतु वाले बीज को ग्रीष्म ऋतु में रोपड कर दिया जावे तो वह अपनी प्रकृति के अनुसार उसी प्रकार के मौसम और रख रखाव की आवश्यकता को चाहेगा और नही मिल पाया तो वह सूख कर खत्म हो जायेगा-

2- इसी प्रकार से प्रकृति के अनुसार पुरुष और स्त्री को गर्भाधान(Conception) का कारण समझ लेना चाहिये जिनका पालन करने से आप तो संतानवान होंगे ही आप की संतान भी आगे कभी दुखों का सामना नहीं करेगा -
इनमे से अधिकांश औषधियों का चयन प्राचीन ग्रंथो से किया गया हैं और वैद्यों एवं प्रयोगकर्ता इन्हें पूर्ण सफल और अनुभव सिद्ध भी मानते हैं और कुछ मंत्रो के विधान से भी और निष्ठां पूर्वक किया गया ब्रत भी फलदायी होता है -

3- कुछ राते ये भी है जिसमे हमें सम्भोग करने से बचना चाहिए-जैसे अष्टमी, एकादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा और आमवस्या -

4- चन्द्रावती ऋषि का कथन है कि लड़का-लड़की का जन्म गर्भाधान के समय स्त्री-पुरुष के दायां-बायां श्वास क्रिया, पिंगला-तूड़ा नाड़ी, सूर्यस्वर तथा चन्द्रस्वर की स्थिति पर निर्भर करता है गर्भाधान के समय स्त्री का दाहिना श्वास चले तो पुत्री तथा बायां श्वास चले तो पुत्र होगा-

5- यदि आप पुत्र प्राप्त करना चाहते हैं और वह भी गुणवान- तो हम आपकी सुविधा के लिए हम यहाँ माहवारी के बाद की विभिन्न रात्रियों की महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं-मासिक धर्म शुरू होने के प्रथम चार दिवसों में संभोग से पुरूष रुग्णता(Disease)को प्राप्त होता है पांचवी रात्रि से संतान उत्पन्न करने की विधि करनी चाहिए -

6- इस समय में पुरूष का दायां एवम स्त्री का बांया स्वर ही चलना चाहिये-यह अत्यंत अनुभूत और अचूक उपाय है जो खाली नही जाता है इसमे ध्यान देने वाली बात यह है कि पुरुष का जब दाहिना स्वर चलता है तब उसका दाहिना अंडकोशः अधिक मात्रा में शुक्राणुओं(Sperm) का विसर्जन करता है जिससे कि अधिक मात्रा में पुल्लिग शुक्राणु निकलते हैं. अत: पुत्र ही उत्पन्न होता है-

7- यदि पति-पत्नी संतान प्राप्ति के इच्छुक ना हों और सहवास करना ही चाहें तो मासिक धर्म के अठारहवें दिन से पुन: मासिक धर्म आने तक के समय में सहवास(sexual intercourse) कर सकते हैं इस काल में गर्भाधान की संभावना नही के बराबर होती है-

8- चार मास का गर्भ हो जाने के पश्चात दंपति को सहवास नही करना चाहिये अगर इसके बाद भी संभोग रत होते हैं तो भावी संतान अपंग और रोगी पैदा होने का खतरा बना रहता है- इस काल के बाद माता को पवित्र और सुख शांति के साथ देव आराधन और वीरोचित साहित्य के पठन पाठन में मन लगाना चाहिये इसका गर्भस्थ शिशु पर अत्यंत प्रभावकारी असर पडता है-

9- अगर दंपति की जन्मकुंडली के दोषों से संतान प्राप्त होने में दिक्कत आ रही हो तो बाधा दूर करने के लिये संतान गोपाल के सवा लाख जप करने चाहिये- 

यदि संतान मे सूर्य बाधा कारक बन रहा हो तो हरिवंश पुराण का श्रवण करें- राहु बाधक हो तो कन्यादान से- केतु बाधक हो तो गोदान से- शनि या अमंगल बाधक बन रहे हों तो रूद्राभिषेक से संतान प्राप्ति में आने वाली बाधायें दूर की जा सकती हैं-

सहवास(Lovemaking)की कुछ राते-
मासिक स्राव रुकने से अंतिम दिन (ऋतुकाल) के बाद 4, 6, 8, 10, 12, 14 एवं 16वीं रात्रि के गर्भाधान से पुत्र तथा 5, 7, 9, 11, 13 एवं 15वीं रात्रि के गर्भाधान से कन्या जन्म लेती है-
चौथी रात्रि के गर्भ से पैदा पुत्र अल्पायु और दरिद्र होता है-

पाँचवीं रात्रि के गर्भ से जन्मी कन्या भविष्य में सिर्फ लड़की पैदा करेगी-
छठवीं रात्रि के गर्भ से मध्यम आयु वाला पुत्र जन्म लेगा-
सातवीं रात्रि के गर्भ से पैदा होने वाली कन्या बांझ होगी-
आठवीं रात्रि के गर्भ से पैदा पुत्र ऐश्वर्यशाली होता है-
नौवीं रात्रि के गर्भ से ऐश्वर्यशालिनी पुत्री पैदा होती है-
दसवीं रात्रि के गर्भ से चतुर पुत्र का जन्म होता है-
ग्यारहवीं रात्रि के गर्भ से चरित्रहीन पुत्री पैदा होती है-
बारहवीं रात्रि के गर्भ से पुरुषोत्तम पुत्र जन्म लेता है-
तेरहवीं रात्रि के गर्म से वर्णसंकर पुत्री जन्म लेती है-
चौदहवीं रात्रि के गर्भ से उत्तम पुत्र का जन्म होता है-
पंद्रहवीं रात्रि के गर्भ से सौभाग्यवती पुत्री पैदा होती है-
सोलहवीं रात्रि के गर्भ से सर्वगुण संपन्न पुत्र पैदा होता है-

पुरातन काल के लोग उपरोक्त नियम-संयम से संतान-उत्त्पति किया करते थे-
सहवास से निवृत्त होते ही पत्नी को दाहिनी करवट से 10-15 मिनट लेटे रहना चाहिए एकदम से नहीं उठना चाहिए तथा वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे प्रमुख दोष बताये गए है जिनके कारण संतान की प्राप्ति नहीं होती या वंश वृद्धि रुक जाती है इस समस्या के पीछे की वास्तविकता-क्या है इसका शास्त्रीय और ज्योतिषीय आधार क्या है ये आप अपनी जन्म कुंडली के द्वारा जानकारी प्राप्त कर सकते है-इसके लिए आप हरिवंश पुराण का पाठ या संतान गोपाल मंत्र का जाप करे-

पति-पत्नी दोनों सुबह स्नान कर पूरी पवित्रता के साथ इस मंत्र का जप तुलसी की माला से करें-

संतान प्राप्ति गोपाल मन्त्र -
" ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ।"


इस मंत्र का बार रोज 108 जाप करे और मंत्र जप के बाद भगवान से समर्पित भाव से निरोग, दीर्घजीवी, अच्छे चरित्रवाला, सेहतमंद पुत्र की कामना करें-

अपने कमरे में श्री कृष्ण भगवान की बाल रूप की फोटो लगाये या लड्डू गोपाल को रोज माखन मिसरी की भोग अर्पण करे-

कई बार प्रायः देखने में आया है की विवाह के वर्षो बाद भी गर्भ धारण नहीं हो पाता या बार-बार गर्भपात हो जाता है,

ज्योतिष में इस समस्या या दोष का एक प्रमुख कारण पति या पत्नी की कुंडली में संतान दोष अथवा पितृ दोष हो सकता है या घर का वास्तुदोष भी होता है, जिसके कारण गर्भ धारण नहीं हो पाता या बार-बार गर्भपात हो जाता है-

पुत्र-प्राप्ति गणपति मन्त्र-
श्री गणपति की मूर्ति पर संतान प्राप्ति की इच्छुक महिला प्रतिदिन स्नानादि से निवृत होकर एक माह तक बिल्ब फल चढ़ाकर इस मंत्र की 11 माला प्रतिदिन जपने से संतान प्राप्ति होती है-

'ॐ पार्वतीप्रियनंदनाय नम:'
पुत्र-प्राप्ति शीतला-षष्ठी ब्रत-

माघ शुक्ल षष्ठी को संतानप्राप्ति की कामना से शीतला षष्ठी का व्रत रखा जाता है कहीं-कहीं इसे 'बासियौरा' नाम से भी जाना जाता हैं इस दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होकर मां शीतला देवी का षोडशोपचार-पूर्वक पूजन करना चाहिये- इस दिन बासी भोजन का भोग लगाकर बासी भोजन ग्रहण किया जाता है-

शीतला-षष्ठी व्रत-कथा-
एक ब्राह्मण के सात बेटे थे। उन सबका विवाह हो चुका था, लेकिन ब्राह्मण के बेटों को कोई संतान नहीं थी। एक दिन एक वृद्धा ने ब्राह्मणी को पुत्र-वधुओं से शीतला षष्ठी का व्रत करने का उपदेश दिया। उस ब्राह्मणी ने श्रद्धापूर्वक व्रत करवाया। वर्ष भर में ही उसकी सारी वधुएं पुत्रवती हो गई-

एक बार ब्राह्मणी ने व्रत की उपेक्षा करके गर्म जल से स्नान किया। भोजना ताजा खाया और बहुओं से भी वैसा करवाया। उसी रात ब्राह्मणी ने भयानक स्वप्न देखा। वह चौंक पड़ी। उसने अपने पति को जगाया; पर वह तो तब तक मर चुका था। ब्राह्मणी शोक से चिल्लाने लगी। जब वह अपने पुत्रों तथा बधुओं की ओर बढ़ी तो क्या देखती है कि वे भी मरे पड़े हैं। वह धाड़ें मारकर विलाप करने लगी। पड़ोसी जाग गये। उसे पड़ोसियों ने बताया- ''ऐसा भगवती शीतला के प्रकोप से हुआ है।''

ऐसा सुनते ही ब्राह्मणी पागल हो गई। रोती-चिल्लाती वन की ओर चल दी। रास्ते में उसे एक बुढ़िया मिली। वह अग्नि की ज्वाला से तड़प रही थी। पूछने पर मालूम हुआ कि वह भी उसी के कारण दुखी है। वह बुढ़िया स्वयं शीतला माता ही थी। अग्नि की ज्वाला से व्याकुल भगवती शीतला ने ब्राह्मणी को मिट्टी के बर्तन में दही लाने के लिए कहा। ब्राह्मणी ने तुरन्त दही लाकर भगवती शीतला के शरीर पर दही का लेप किया। उसकी ज्वाला शांत हो गई। शरीर स्वस्थ होकर शीतल हो गया-

ब्राह्मणी को अपने किए पर बड़ा पश्चाताप हुआ। वह बार-बार क्षमा मांगने लगी। उसने अपने परिवार के मृतकों को जीवित करने की विनती की। 

शीतला माता ने प्रसन्न होकर मृतकों के सिर पर दही लगाने का आदेश दिया। ब्राह्मणी ने वैसा ही किया। उसके परिवार के सारे सदस्य जीवित हो उठे। तभी से इस व्रत का प्रचलन हुआ। ऐसी मान्यता है

प्राकृतिक तरीके से करें नींद में बोलने की बीमारी का इलाज


प्राकृतिक तरीके से करें नींद में बोलने की बीमारी का इलाज

नींद में बोलने की आदत से बचने के लिए पर्याप्त आराम ज़रूरी होता है। इसके लिए आपकी नींद अच्छी तरह पूरी होनी चाहिए अगर हो सके तो आपको दिन के वक़्त भी बिना किसी व्यवधान के कुछ समय की नींद लेना चाहिए।

अगर आप लगातार तनाव से गुजर रहें हैं तो आपको यह समस्या हो सकती है। इसके लिए अपने दिमाग को पर्याप्त आराम का मौका दें और खुद भी रिलैक्स करें। अगर ऑफिस के कामों से आप खुद को बहुत उलझा हुआ महसूस कर रहे हैं तो कुछ दिनों के लिए काम से छुट्टी ले लें। या कहीं घूमने जाएँ, इससे आपके दिमाग को भी काफी आराम मिलेगा। इससे आपका तनाव कम होता है।

अगर आप अकेले हैं तो अपने किसी दोस्त या करीबी से मिलने जाएँ और उनसे बातें करें। अपनी बातें उनके साथ शेयर करें इससे आपके मन की बातें खुलकर बाहर आएंगी और आपका मन भी हल्का होगा तथा अप बेहतर महसूस करेंगे। इससे आपका अकेलापन भी दूर हो जाएगा।

कई बार बहुत ज़्यादा कैफीन के सेवन से भी नींद में बोलने की समस्या होती है। इसके इलाज के लिए कैफीन की मात्रा कम करें। ज़्यादा चाय या कॉफी के सेवन से बचें। 

कमर की चर्बी घटाने के कुछ उपाय





कमर की चर्बी घटाने के कुछ उपाय


मोटापा बढ़ने से हमारी कमर के आसपास अतिरिक्त चर्बी जम जाती है जो देखने में बहुत ही ख़राब लगती है इससे बचने के लिए इस बात पर ध्यान देना जरुरी है कि आप जो कुछ भी खा रहे हैं उसमें से वो चीज़ें हटा दें जिसमें ढेर सारा फैट और कैलोरी भरी हो. उदाहरण के तौर पर अगर आप ब्रेड खाते हैं तो वाइट ब्रेड की जगह ब्राउन या वीट ब्रेड खाना शुरु कर दें. वहीं दूसरी ओर तली भुनी चीज़ की जगह पर सादी रोटी सब्जी खांए. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और शरीर में चर्बी भी नहीं जमती

1-बिस्कुट में काफी शक्कर और मैदा होता है. मगर पराठे में गेहूं का आटा होता है जो कि आयरन और फाइबर से भरा होता है

2-आपके शरीर का 99 प्रतिशत कैल्शियम हड्डियों और दांतों में रहता है. कैल्शियम से हड्डियां मजबूत बनती हैं इसलिये दूध पीना सबसे अच्छा ऑपशन है

3-फ्राइड फूड में खाने से पेट तो भर जाता है लेकिन उसमें फैट और कैलोरीज़ होती हैं. रोटी सब्जी में काफी सारा पोषण होता है और इसे खाने से पेट भी भर जाता है

4-वड़ा पाव में काफी सारा मैदा, बटर और तेल होता है. वहीं इडली में ढेर सारी एनर्जी और सांभर में ढेर सारी दाल होती है जो कि प्रोटीन का अच्छा सोर्स होता है

5-सूप पीने वालों को बिना क्रीम डाले मिक्स वेज सूप पीना चाहिये. इसमें ताजा टमाटर का प्रयोग करना चाहिये.

6-1 कप पके हुए ब्राउन राइस में 4 ग्राम फाइबर की मात्रा होती है. लेकिन 1 कप पके हुए वाइट राइस में केवल 1 ग्राम फाइबर होता है.

बवासीर के घरेलू उपचार








बवासीर के घरेलू उपचार






1. एक पके केले को बीच से चीरकर उसके दो टुकडे कर लें फिर उस पर कत्था पीसकर छिडक दें, इसके बाद उस केले को खुले आसमान के नीचे शाम को रख दें,सुबह को उस केले को शौच करने के बाद खालें। एक हफ़्ते तक लगातार इसको करने के बाद भयंकर से भयंकर बवासीर भी समाप्त हो जाती है।

2. खूनी बवासीर में एक नींबू को बीच में से काटकर उसमें लगभग 4-5 ग्राम कत्था पीसकर डाल दीजिए। इन दोनों टुकड़ों को रात में छत पर खुला रख दीजिए। सुबह उठकर नित्य क्रिया से निवृत होने के बाद इन दोनों टुकड़ों को चूस लीजिए। पांच दिन तक इस प्रयोग को कीजिए। बहुत फायदा होता है।

3. करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा सा सेंधा नमक जरुर मिला दें। पूरे दिन पानी की जगह यह मट्ठा ही पियें। चार-पाँच दिन तक यह प्रयोग करें, मस्से काफी ठीक हो जायेंगे।

4. छोटी पिप्पली को पीस कर उसका चूर्ण बना ले, इसे शहद के साथ लेने से भी आराम मिलता है|

5. नीम के छिलके सहित निंबौरी के पावडर को प्रतिदिन 10 ग्राम मात्रा में रोज सुबह बासी पानी के साथ सेवन करें, लाभ होगा। लेकिन इसके साथ आहार में घी का सेवन आवश्यक है। *जीरे को पीसकर मस्सों पर लगाने से भी फायदा मिलता है, साथ ही जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से भी फायदा मिलता है।

6. बवासीर की समस्या होने पर आंवले के चूर्ण को सुबह-शाम शहद के साथ लेने से भी जल्दी ही फायदा होता है।
7. एक चम्मच आंवले का चूर्ण सुबह शाम शहद के साथ लेने से भी बवासीर में लाभ प्राप्त होता है।

8. नीम का तेल मस्सों पर लगाने से और 4- 5 बूँद रोज़ पीने से बवासीर में बहुत लाभ होता है।

9. एक चाय का चम्मच धुले हुए काले तिल ताजा मक्खन के साथ लेने से भी बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।

10. 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। प्रतिदिन सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है।

11. नियमित रुप से गुड के साथ हरड खाने से भी बवासीर में जल्दी ही फ़ायदा होता है।

12. नागकेशर, मिश्री और ताजा मक्खन इन तीनो को रोजाना बराबर मिलाकर 10 दिन खाने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है। 

13. जमीकंद को देसी घी में बिना मसाले के भुरता बनाकर खाएँ शीघ्र ही लाभ मिलेगा।

Benefits of lemon, नींबू के फायदे


Benefits of lemon, नींबू के फायदे 

1-शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है

2-नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है।

3-नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है।

4-नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है।

5- नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है।

6-नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है और सौंदर्य बढ़ता है.।

7- नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है।

8- नींबू के बीज को पीसकर लगाने से गंजापन दूर होता है।

9-बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकरडालें।

10-आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएं, रक्त की कमी दूर होगी।

11- दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।

12- प्रतिदिन नाश्ते से पहले एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच ज़ैतून का तेल पीने से पत्थरी से छुटकारा मिलता है। 

13- किसी जानवर के काटे या डसे हुए भाग पर रूई से नींबू का रस लगांए, लाभ होगा।

14- एक गिलास गर्म पानी में नींबू डाल कर पीने से पांचन क्रिया ठीक रहती है।

15- चक्तचाप, खांसी, क़ब्ज़ और पीड़ा में भी नींबू चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है।

16- विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू का रस विटामिन सी,विटामिन, बी, कैल्शियम, फ़ास्फ़ोरस, मैग्नीशियम, प्रोटीन और कार्बोहाईड्रेट से समृद्ध होता है.।

17- विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मसूढ़ों से ख़ून रिसता हो तो प्रभावित जगह पर नींबू का रस लगाने से मसूढ़े स्वस्थ हो जाते हैं।

18- नींबू का रस पानी में मिलाकर ग़रारा करने से गला खुल जाता है।

19- नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने से त्वचा रोगों से भी बचाव होता है अतः त्वचा चमकती रहती है, कीलमुंहासे भी इससे दूर होते हैं और झुर्रियों की भी रोकथाम करता है।

20- नींबू का रस रक्तचाप को संतुलित रखता है।

21. अगर बॉडी में विटामिन सी की मात्रा कम हो जाए, तो एनिमिया, जोड़ों का दर्द, दांतों की बीमारी, पायरिया, खांसी और दमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. नीबू में विटामिन सी की क्वॉन्टिटी बहुत ज्यादा होती है। इसलिएइन बीमारियों से दूरी बनाने में यह आपकी मदद करता है।

22. पेट खराब, पेट फूलना, कब्ज, दस्त होने पर नीबू के रसमें थोड़ी सी अजवायन, जीरा, हींग, काली मिर्च और नमक मिलाकर पीने से आपको काफी राहत मिलेगी।

23. गर्मी में बुखार होने पर अगर थकान महसूस हो रही होया पीठ और बांहों में दर्द हो, 
तो भी आपके पास नींबू काउपाय है। आप एक चम्मच नींबू के रस में दस बूंद तुलसी की पत्तियों का रस, चार काली मिर्च और दो पीपली का चूर्ण मिलाकर लें। इसे दो खुराक के तौर सुबह-शाम लें।

24. चेहरे पर मुंहासे होना एक आम समस्या है। 
इसे दूर करने के लिए नींबू रस में चंदन घिसकर लेप लगाएं। अगर दाद हो गया है, तो इसी लेप में सुहागा घिसकर लगाएं, आपको आराम मिलेगा।

25. कई बार लंबी दूरी की यात्रा करने पर शरीर में बहुतथकान महसूस होती है। 
ऐसे में एक गिलास पानी में दो नींबू निचोड़कर उसमें 50 ग्राम किशमिश भिगो दें। रातभर भीगने के बाद सुबह किशमिश पानी में मथ लें। यह पानी दिनभर में चार बार पिएं। इससे एनर्जी मिलेगी और बॉडी की फिटनेस भी बनी रहेगी।

26. अधिक थकान और अशांति के कारण कई बार नींद नहीं आती। 
अगर आप भी इस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं. तो लेमन रेमेडी अपनाएं। रात को सोने से पहले हाथ-पांव, माथे, कनपटी व कान के पीछे सरसों के तेल की मालिश करें। इसकेबाद थोड़े से नीबू के रस में लौंग घिसकर चाट लें। ऐसा करने से आपको नींद बहुत जल्दी आएगी।

27. मोटापे से आजकल हर दूसरा शख्स परेशान होता है। 
इससे छुटकारा पाने के लिए आप मूली के रस में नीबू का रस व थोड़ा नमक मिलाकर नियमित रूप से लें। मोटापा दूर होगा।

28. अगर याददाश्त कमजोर हो गई है,
तो गिरी, सोंठ का चूर्ण और मिश्री को पीसकर नींबू के रस में मिलाएं। फिरइसे धीरे-धीरे उंगली से चाटें।

29. सुंदर दिखना तो सभी चाहते हैं।
अगर आपकी भी यही चाहत है, तो एक चम्मच बेसन, आधा चम्मच गेहूं का आटा, आधाचम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लोशन तैयार करें। इसे धीरे-धीरे चेहरे पर मलें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा निखर जाएगा।

30. जहां तक हो सके, कागजी पीले रंग के नीबू का यूज करें। इसमें दो चुटकी सेंधा नमक या काला नमक मिला सकतेहैं। 

नींबू के घरेलू नुस्खें
बाल गिरने, बालों के सफेद होने पर, सिर में रूसी व जुएं होने पर नींबू के रस में आंवले का चूर्ण मिलाकर सिर धोने से फायदा होता है।

.चावल बनाते समय नींबू के रस की कुछ बूंदे डाल देने से चावल एक दूसरे से जुड़ते नहीं हैं और खिले-खिले तैयार होते हैं।

मुंहासे दूर करने के लिये चौथाई नींबू का रस निचोड़ कर उसमें थोड़ी से मलाई मिलाकर इसे एक महीने तक चेहरे पर लगाते रहने से चेहरे पर निखार आ जाता है तथा मुंहासे दूर होते हैं।

नींबू के रस में काली मिर्च, धनिया और भुना हुआ जीरा मिलाकर सेवन करने से पेट का विकार दूर होता है।

नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर लगाने से खुजली में आराम मिलता है।

सब्जी, दाल, सलाद आदि में नींबू के रस की बूंदे मिला देने से उनका स्वाद बढ़ जाता है।

वजन को नियंत्रित करना 

मोटापा घटाने के लिए नींबू व शहद पानी में नियमित रूप से लेने पर महीने भर में ही आप फर्क महसूस करने लगेंगे।

2.नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है और यह आहार शरीर का मैटाबॉलिज्म बढ़ाता है और वजन कम करता है। रोज सुबह खाली पेट गरम पानी, नींबू और शहद पीने से मोटापा कम होता है। 

नीबू के फायदे सौंदर्य निखार के लिए
नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर रात में सिर में हल्के हाथ से, एक हफ्ते तक रोजाना मालिश कर, सुबह सिर धोने से बालों की खुश्की दूर हो जाती है।

यदि मालिश न भी करें तो सिर धोने के पानी में दो नींबू निचोडकर एक हफ्ता लगातार प्रयोग करने से बाल मुलायम होते हैं, उनका झडना कम होता है और खुश्की या रूसी भी कम होती है।

नारियल के तेल में नींबू का रस और कपूर लगाकर सिर की मालिश करने से बालों के रोग खत्म हो जाते हैं।

सुबह स्नान करने से पहले नींबू के छिलकों को चेहरे पर धीरे-धीरे मलकर 2-3 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें.। इसे 10-15 दिन लगातार करने से चेहरे का रंग साफ हो जाता है। यह बाजार में मिलने वाले किसी भी ब्लीचिंग क्रीम या ब्यूटी पार्लर में कराए जाने वाले ब्लीच का काम करेगा।

नींबू का रस और गुलाबजल समान मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाएं, कुछ दिनों के लगातार प्रयोग से चेहरा बेदाग,त्वचा कोमल व स्वच्छ हो जाती है। 

नींबू और तुलसी की पत्तियों का रस समान मात्रा में मिलाकर किसी कांच के बर्तन में रख लें और दिन में कम से कम दो बार हल्के हाथ से चेहरे पर लगाएं। कुछ दिन के लगातार इस्तेमाल से चेहरे पर झाइयां व किसी भी प्रकार के निशान मिट जाते हैं।

चेहरा जल जाने पर यदि चेहरे पर काले दाग पड गए हों तोएक टमाटर के गूदे में नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर सुबह-शाम लगाएं और थोडी देर बाद धो लें।

औषधि के रूप में

बदहजमी होने पर नींबू काटकर उसकी फांक या छोटे टुकडेमें काला नमक लगाकर चूसने से आराम आता है।

जिनको भूख कम लगती है और पेट दर्द की शिकायत रहती है.
उनको नींबू की फांक में काला या सेंधा नमक लगाकर उसको तवे पर गर्म करके चूसने से न केवल दर्द में आराम मिलता है बल्कि भूख भी खुलकर लगती है।

यदि चक्कर आ रहे हों या उल्टी आ रही हों तो नींबू के टुकडे पर काला नमक, काली मिर्च लगाकर खाने से चक्कर आने बंद हो जाते हैं और उल्टी भी बंद हो जाती है।

एक गिलास पानी में एक नींबू का रस निचोडकर एक चम्मच चीनी पीसकर मिलाकर पीने से हैजे जैसा रोग भी ठीक हो जाता है।

बलगम से छुटकारा पाने के 10 घरेलू उपाय





बलगम से छुटकारा पाने के 10 घरेलू उपाय



क्या आपको गले और छाती में कुछ जमा हुआ सा महसूस हो रहा है? सांस लेने में तकलीफ और लगातार ठींके आ रही हैं? ये सारे लक्षण बलगम जमा होने के होते हैं। साथी ही, नाक बहना और बुखार आना भी इस समस्या के प्रमुख लक्षण हैं। बलगम की समस्या को दूर करने के लिए घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं।

1 अगर पाना हो बलगम की समस्या से छुटकारा 

क्या आपको गले और छाती में कुछ जमा हुआ सा महसूस हो रहा है? सांस लेने में तकलीफ और लगातार ठींके आ रही हैं? ये सारे लक्षण बलगम जमा होने के होते हैं। साथी ही, नाक बहना और बुखार आना भी इस समस्या के प्रमुख लक्षण हैं। बलगम हालांकि खतरनाक नहीं होता लेकिन अगर ये लंबे वक्त तक जना रहे तो इससे आपको श्वास संबंधी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। बलगम जमने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जैसे कि सर्दी-जुकाम, फ्लू, वायरल इन्फेक्शन, साइनस, अत्यधिक स्मोकिंग। इस समस्या से निपटने के लिए बहुत सारे घरेलू उपाय मौजूद हैं, आइये जानते हैं उनके बारे में।/

2 अदरक और शहद
अदरक में ऐसे बहुत से तत्व होते हैं जो बहुत सारी बीमारियों का सामना कर सकते हैं। इसके सेवन से सर्दी खांसी में फायदा होता है और श्वसन प्रक्रिया ठीक हो जाती है। 100 ग्राम ग्राम अदरक को कूट लें। दो-तीन चम्मच शहद को उसमें मिला लें। इस पेस्ट को दो-दो चम्मच दिन में दो बार लें। समस्या दूर हो जाएगी।


3 सफेद-मिर्च
आधी चम्मच सफेद कालीमिर्च को पीस लें। इसमें 1 चम्मच शहद मिला लें। इस मिक्सचर को 10-15 सेकेंड माइक्रोवेव करें। फिर पी लें। इसे पीते ही आपको फौरन आराम मिलेगा। बलगम से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए इस मिक्चर को एक हफ्ते तक दिन में तीन बार जरूर लें।

4 अंगूर का जूसअंगूर की प्रकृति एक्सपेक्टोरेंट होता हैं और इसलिए ये आपके फेफड़ों के लिए और बलगम दूर करने में फायदा पहुंचाता है। दो चम्मच अंगूर के जूस में दो चम्मच शहद मिला लें। इस मिक्चर को एक हफ्ते तक दिन में तीन बार लें।

5 लेमन टी
नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड और शहद के एंटीसेप्टिक तत्व बलगम कम करने और गले का दर्द दूर करने में मदद करते हैं। ब्लैक टी बनाइये, और उसमें एक चम्मच ताजे नींबू का रस और एक चम्मच शहद का मिला दीजिए।

6 गरारे
एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिलाएं। अपनी गर्दन थोड़ी सी पीछे की तरफ गिराएं और फिर इस नमक के पानी से गरारे करें। इस पानी को निगलें न। कुछ देर तक गले में रखकर गरारे करने के बाद आप निश्चित रूप से अच्छा महसूस करेंगे।

7 गाजर
गाजर में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की वजह से ये आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। इसके अलावा इसमें ऐसे बहुत से विटामिन और पोषक तत्व होते हैं जो खांसी और बलगम की समस्या को दूर करते हैं। 3-4 ताजी गाजर का जूस निकालें। उसमें थोड़ा पानी और दो-तीन चम्मच शहद मिलाएं। अच्छी तरह इस मिश्रण को मिलाएं। इस मिश्रण को एक दिन में दो से तीन बार पियें, आपकी बलगम की समस्या ठीक हो जाएगी।

8 लहसुन और नींबू
लहसुन में सूजन दूर करने वाले तत्व मौजूद होते हैं और नींबू में सिट्रिक एसिड। जब दोनों का इस्तेमाल किया जाता है तो ये बलगम दूर करने में हमारी मदद करते हैं। एक कम पानी उबालें। उसमें तीन नींबू निचोड़ें। थोड़ा सा कुटा हुआ अदरक मिलाएं। साथ में आधी चम्मच काली मिर्च का पाउडर और एक चुटकी नमक। इन सब को अच्छे से मिला लें और पी लें। इससे आपको बलगम की समस्या से फौरन निजात मिल जाएगी।

9 चिकन सूप
गर्मागर्म चिकन सूप बलगम की समस्या को दूर करता है और आपकी श्वास की नली को मॉइश्चुराइज करता है। ये बलगम को पतला कर सकता है। इसलिए अपना गला साफ करने के लिे दिन में दो से तीन बार गर्म चिकन का सूप पियें। आप इसमें अलग से अदरक और लहसुन भी मिला सकते हैं, अधिक और जल्दी फायदा होगा।

10 हल्दी

बलगम के उपचार के लिए हल्दी सबसे अधिक प्रभाव डालने वाली चीज है। ये एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करती है और इसमें कर्क्यूमिन होता है जो शरीर की बहुत सारी आंतरिक और बाहरी समस्याओं में फायदा पहुंचाता है। एक ग्लास गर्म दूध में हल्की और आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर मिलाएं। अब इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। बलगम को दूर करने के लिए इसे रोज पियें।

11 प्याज और नींबू
एक प्याज छील कर उसे पीस लें। एअब एक नींबू का रस निकाल लें। इसे एक कप पानी में इन दोनों को मिलाकर दो तीन मिनट के लिए उबाल लें। आंच से उतार लें और एक चम्मच शहद मिला लें। इस मिक्सचर को एक दिन में तीन बार पियें, बलगम की समस्या दूर हो जाएगी।

साँप के काटने का इलाज जरूर पढ़ें,






साँप के काटने का इलाज जरूर पढ़ें, पता नहीं कब आपके काम आ जाए :




दोस्तो सबसे पहले साँपो के बारे मे एक महत्वपूर्ण बात आप ये जान लीजिये ! कि अपने देश भारत मे 550 किस्म के साँप है ! जैसे एक cobra है ,viper है ,karit है ! ऐसी 550 किस्म की साँपो की जातियाँ हैं ! इनमे से मुश्किल से 10 साँप है जो जहरीले है सिर्फ 10 ! बाकी सब non poisonous है! इसका मतलब ये हुआ 540 साँप ऐसे है जिनके काटने से आपको कुछ नहीं होगा !! 

बिलकुल चिंता मत करिए !
लेकिन साँप के काटने का डर इतना है (हाय साँप ने काट लिया ) और कि कई बार आदमी heart attack से मर जाता है !जहर से नहीं मरता cardiac arrest से मर जाता है ! तो डर इतना है मन मे ! तो ये डर निकलना चाहिए !

वो डर कैसे निकलेगा ????
जब आपको ये पता होगा कि 550 तरह के साँप है उनमे से सिर्फ 10 साँप जहरीले हैं ! जिनके काटने से कोई मरता है ! इनमे से जो सबसे जहरीला साँप है उसका नाम है !

russell viper ! उसके बाद है karit इसके बाद है viper और एक है cobra ! king cobra जिसको आप कहते है काला नाग !! ये 4 तो बहुत ही खतरनाक और जहरीले है इनमे से किसी ने काट लिया तो 99 % chances है कि death होगी !

लेकिन अगर आप थोड़ी होशियारी दिखाये तो आप रोगी को बचा सकते हैं

होशियारी क्या दिखनी है ???
आपने देखा होगा साँप जब भी काटता है तो उसके दो दाँत है जिनमे जहर है जो शरीर के मास के अंदर घुस जाते हैं ! और खून मे वो अपना जहर छोड़ देता है ! तो फिर ये जहर ऊपर की तरफ जाता है !

मान लीजिये हाथ पर साँप ने काट लिया तो फिर जहर दिल की तरफ जाएगा उसके बाद पूरे शरीर मे पहुंचेगा ! ऐसे ही अगर पैर पर काट लिया तो फिर ऊपर की और heart तक जाएगा और फिर पूरे शरीर मे पहुंचेगा ! कहीं भी काटेगा तो दिल तक जाएगा ! और पूरे मे खून मे पूरे शरीर मे उसे पहुँचने मे 3 घंटे लगेंगे !

मतलब ये है कि रोगी 3 घंटे तक तो नहीं ही मरेगा ! जब पूरे दिमाग के एक एक हिस्से मे बाकी सब जगह पर जहर पहुँच जाएगा तभी उसकी death होगी otherwise नहीं होगी ! तो 3 घंटे का time है रोगी को बचाने का और उस तीन घंटे मे अगर आप कुछ कर ले तो बहुत अच्छा है !

क्या कर सकते हैं ?? ???
एक medicine आप चाहें तो हमेशा अपने घर मे रख सकते हैं बहुत सस्ती है homeopathy मे आती है ! उसका नाम है NAJA (N A J A ) ! homeopathy medicine है किसी भी homeopathy shop मे आपको मिल जाएगी ! और इसकी potency है 200 ! आप दुकान पर जाकर कहें NAJA 200 देदो ! तो दुकानदार आपको दे देगा ! ये 5 मिलीलीटर आप घर मे खरीद कर रख लीजिएगा 100 लोगो की जान इससे बच जाएगी ! और इसकी कीमत सिर्फ 50 रुपए है ! इसकी बोतल भी आती है 100 मिलीग्राम की 150 से 200 रुपए की उससे आप कम से कम 10000 लोगो की जान बचा सकते हैं जिनको साँप ने काटा है !और ये जो medicine है NAJA ये दुनिया के सबसे खतरनाक साँप का ही poison है जिसको कहते है क्रैक ! इस साँप का poison दुनिया मे सबसे खराब माना जाता है ! 

इसके बारे मे कहते है अगर इसने किसी को काटा तो उसे भगवान ही बचा सकता है ! medicine भी वहाँ काम नहीं करती उसी का ये poison है लेकिन delusion form मे है तो घबराने की कोई बात नहीं ! आयुर्वेद का सिद्धांत आप जानते है लोहा लोहे को काटता है तो जब जहर चला जाता है शरीर के अंदर तो दूसरे साँप का जहर ही काम आता है !

तो अंत आप याद रखिए घर मे किसी को साँप काटे और अगर दवा(NAJA) घर मे न हो ! फटाफट कहीं से injection लेकर first aid (प्राथमिक सहायता) के लिए आप injection वाला उपाय शुरू करे ! और अगर दवा है तो फटाफट पहले दवा पिला दे और उधर से injection वाला उपचार भी करते रहे !

दवा injection वाले उपचार से ज्यादा जरूरी है !!
तो ये जानकारी आप हमेशा याद रखे पता नहीं कब काम आ जाए हो सकता है आपके ही जीवन मे काम आ जाए ! या पड़ोसी के जीवन मे या किसी रिश्तेदार के काम आ जाए! तो first aid के लिए injection की सुई काटने वाला तरीका और ये NAJA 200 hoeopathy दवा ! 10 – 10 मिनट बाद 1 – 1 बूंद तीन बार

रोगी की जान बचा सकती है !!

मुँहासों से कैसे पाएँ छुटकारा




मुँहासों से कैसे पाएँ छुटकारा


कुछ घरेलू उपचारों के द्वारा हम अपने चेहरे पर उभरे दाग-धब्बे, काले तिल व मुँहासों आदि से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं –

एक छोटा चम्मच दही तथा एक बड़ा चम्मच मूली का रस मिलाकर लोशन बनाकर रुई से चेहरे पर लगाने से कील, मुँहासे एवं झुर्रियां सदा के लिए मिट जाते हैं।

सेब, संतरा, केला तथा अमरूद आदि को पीसकर फल मिश्रण तैयार कर लें।
इस मिश्रण में दही और पीसी हुई हल्दी ऊपर से डालकर मिला लें।

इसके बाद उसमें तुलसी का एक चम्मच रस और शहद की चार बूंद डालकर इससे
बनाये गये लेप से सुबह-शाम चार सप्ताह तक चेहरे पर लगाया करें।
इससे झुरियां और मुहांसे जड़ से नष्ट हो जाते हैं।

२. नीम : यह त्वचा में रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है। इसके प्रयोग से मुंहासे में जादू जैसा लाभ होता है।
विधि : चार-पांच नीम की पत्तियों को पीसकर मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर लगाएं, सूखने पर गरम पानी से धो लें।

ताजे हरे धनिए की पत्तियों को पीसकर उस लेप को चेहरे पर लगाने से चेहरे पर उभरे काले तिलों से हमेशा के लिए निजात पाई जा सकती है।

तुलसी की सूखी पत्तियाँ पानी के साथ पीसकर उसे चेहरे पर नियमित मलने से चेहरे के काले दाग धीरे-धीरे गायब होने लगते हैं।

जायफल को पानी में घीसकर मलना भी बहुत फायदेमंद होता है।

खड़ी मसूर को कागजी नींबू के रस में पीसकर दोनों गालों पर मलना बहुत लाभकारी होता है।

चेहरे की रौनक बढ़ाने के लिए पानी में चंदन व हल्दी पावडर मिलाकर उसे चेहरे पर मलें।

अमलतास की छाल, अनार की छाल, लोधी, आमा हल्दी और नागरमोथा की बराबर मात्रा पीसकर जल के साथ उसका गाढ़ा पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से जल्द ही मुँहासों से निजात पाई जा सकती है।

method of making gold, सोना बनाने की विधि




 method of making gold, 

सोना बनाने की विधि

हमारे पूर्वज पारा( मरकरी)से सोना बनाना जानते थे।

पारे को शिव का वीर्य कहा गया है।। शिव का तेज कहा गया है। पारे से सोना बनाया जा सकता है।।

इस विधि की खोज सबसे पहले महापंडित रावन ने की थी जो शिव का भक्त था।।और रावण ने आर्यों को भी ये विद्या सिखाई थी।।क्योंकि बहुत से आर्य रावण को अपना गुरु मानते थे।।

उसके बाद ये विद्या लुप्त हो गयी।

कलयुग में इसी विद्या को फिर से नागार्जुन ने जन्म दिया।। नागार्जुन एक ब्राह्मण था जिसने बाद में बुद्ध धर्म स्वीकार कर लिया था और भगवान् बुद्ध का शिष्य बन गया था।।

नागार्जुन को भारत का आइंस्टीन भी कहा जाता है।। इसी नागार्जुन ने एक ग्रन्थ भी लिखा था जिसमे उसने पारे से सोना बनाने की पूरी विधि का वर्णन किया था। लेकिन वो ग्रन्थ आज किसके े पास है ये एक रहश्य है।।

रस मार्तंड नाम के ग्रन्थ में पारे से सोना बनाने की पूरी विधि का वर्णन मिलता है।। क्युकी मार्तंड शिव का ही एक नाम है इसलिये इसका नाम रस मार्तंड रक्खा गया।। ये ग्रन्थ आज भी जीवित है।

1935 में महात्मा गाँधी जब कोलकत्ता गए तबवहा के एक बंगाली तांत्रिक ने पारे से सोना बनाकर महात्मा गाँधी को 3 किलो सोना उपहार में दिया था।। महात्मा गाँधी ये चमत्कार देखकर दंग रह गए थे।

इसीलिए पारे की शिवलिंग की पूजा का सबसे अधिक महत्व है ।। क्युकी ये पारा महादेव का तेज है।।।

भारत के ब्राह्मण दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिक थे ।चाहे वो रावण हो या नागार्जुन।।।

यहाँ ब्राह्मण का मतलब जाती से नहीं है बल्कि कर्म से है।।

भारत जितना विज्ञान में आगे था उसका दस प्रतिशत विज्ञान भी आज दुनिया में नहीं है लेकिन कुछ रुढ़िवादी परम्पराओं ने भारत को तबाह किया